फ्लैग ऑफ समारोह के दौरान अभियान का ध्वज अभियान लीडर कैप्टन सुरेंद्र सिंह और डिप्टी लीडर सूबेदार सुनील सिंह नेगी को सौंपा गया। इसके साथ ही 31 सदस्यीय अभियान दल ने माउंट माना की चुनौतीपूर्ण चढ़ाई के लिए अपनी यात्रा शुरू की। अभियान दल के सदस्यों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और अभियान की सफलता के साथ सभी सदस्यों की सुरक्षित वापसी का संकल्प लिया।
मीडिया से बातचीत में अभियान से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि माउंट माना अभियान 2026 केवल एक पर्वतारोहण अभियान नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, टीम भावना और समर्पण की परीक्षा भी है। माउंट माना को चुनौतीपूर्ण और तकनीकी उच्च हिमालयी चोटी माना जाता है। ऐसे में अभियान में शामिल सदस्यों के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता, तकनीकी दक्षता और आपसी समन्वय भी बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
अभियान दल ने उच्च हिमालयी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी की हैं। प्रशिक्षण, अभ्यास और अभियान की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्र में अभियान को संचालित करते समय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। मौसम और पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप आगे की गतिविधियों को निर्धारित किया जाएगा।
मीडिया संबोधन में कहा गया कि आज श्री बदरीनाथ धाम की पवित्र भूमि से माउंट माना अभियान 2026 का शुभारंभ किया जा रहा है। 31 सदस्यीय अभियान दल पूरी तैयारी, प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के साथ इस चुनौतीपूर्ण उच्च हिमालयी अभियान के लिए आगे बढ़ रहा है। अभियान के दौरान सुरक्षा, अनुशासन, टीम भावना और मिशन की सफलता सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
अभियान नेतृत्व ने कहा कि भगवान बदरी विशाल का आशीर्वाद लेकर शुरू किया गया यह अभियान दल के लिए विशेष महत्व रखता है। विश्वास जताया गया कि भगवान बदरी विशाल की कृपा से टीम अपने निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करेगी। अभियान के माध्यम से भारतीय सेना और गढ़वाल स्काउट्स की साहस, समर्पण तथा उत्कृष्ट पर्वतारोहण परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
माउंट माना अभियान 2026 को लेकर दल के सदस्यों में उत्साह है। फ्लैग ऑफ समारोह ने अभियान की औपचारिक शुरुआत के साथ टीम के मनोबल को भी बढ़ाया। धार्मिक आस्था और सैन्य अनुशासन के संगम के बीच शुरू हुआ यह अभियान उच्च हिमालय में टीमवर्क और दृढ़ इच्छाशक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। इस अवसर ने पर्वतारोहण के प्रति युवाओं में प्रेरणा और उत्साह भी जगाया।
अभियान दल अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा। पर्वतीय क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के बीच प्रत्येक सदस्य की सुरक्षा, एक-दूसरे के साथ समन्वय और अभियान के उद्देश्य की पूर्ति पर विशेष ध्यान रहेगा। समारोह के दौरान मौजूद लोगों ने दल के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और अभियान की सफल पूर्णता की कामना की।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जय बदरी विशाल और जय हिंद के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


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