हिल-मेल ब्यूरो उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जुटे देश-विदेश के पूंजी निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश बहुत बड़े और चैतरफा परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। भारत वल्र्ड ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनने वाला है।
हिल-मेल ब्यूरो
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जुटे देश-विदेश के पूंजी निवेशकों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश बहुत बड़े और चैतरफा परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। भारत वल्र्ड ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनने वाला है। निवेशकों को उत्तराखंड में निवेश के लिए प्रोत्साहित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में अलग ही स्प्रिचुअल इको जोन (एसइजेड) है।
नरेंद्र मोदी ने रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय खेल स्टेडियम में दो दिनी उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट का उदघाटन करते हुए यह बात कही उन्होंने कहा कि बाबा केदार की भूमि से निवेशक दैवीय अनुभूति करेंगे। डेस्टीनेशन उत्तराखंड, न्यू इंडिया का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड को नई दिशा देने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। डेस्टीनेशन उत्तराखंड का मंच, इन्हीं प्रयासों की परिणति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में कनेक्टीवीटी बढ़ाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। चारधाम आॅल वेदर रोड़ व कर्णप्रयाग-ऋषिकेष रेल परियोजना से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिला है। अनेक तरह के नीतिगत सुधार किए गए हैं। आर्गेनिक खेती की भी यहां भरपूर सम्भावना है। एग्रीकल्चर में वेल्यू एडीशन से किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी। नवीकरणीय उर्जा में भारत वल्र्ड लीडर बन सकता है। उत्तराखंड में उर्जा सम्भावना इतनी है कि देश की उर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि मेक इन इंडिया में उत्पादन पूरे विश्व के लिए होना चाहिए। भारत की प्रगति राज्यों की सम्भावनाओं को वास्तविकताओं में बदल कर ही किया जा सकता है। यह अच्छी बात हुई है कि राज्यों में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा प्रारम्भ हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 साल की उम्र बहुत महत्वपूर्ण होती है। उत्तराखंड की संस्कृति बहुत पुरातन है परंतु राज्य निर्माण को 18 साल हुए हैं। राज्य सरकार में कुछ नया कर गुजरने का जज्बा है। राज्य में आर्थिक विकास के लिए केंद्र सरकार हरसम्भव सहयोग प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट में आए उद्यमियों से उत्तराखंड में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य को आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत वैश्विक समृद्धि का प्रमुख इंजन बनने वाला है। आर्थिक सुधार में जो कदम उठाए गए उससे ईज आॅफ डूईंग बिजनेस में भारत ने काफी सुधार हुआ है। पुराने व अव्यवहारिक हो चुके 1400 से ज्यादा पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। देश की स्वतंत्रता के बाद जीएसटी के तौर पर सबसे बड़ा टेक्स रिफार्म किया गया है। इन्फ्रास्टक्चर में काफी तेजी से काम किया गया है। प्रति दिन 27 कि.मी. एन.एच. का निर्माण किया गया है। रेल लाईन में भी दोगुनी गति से काम किया गया है। देश में 100 नए एयर पोर्ट व हैलीपेड बनाने पर काम कर रहे हैं। उड़ान योजना देश के शहरों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। आयुष्मान भारत से हेल्थ सेक्टर में निवेश का बड़ी सम्भावना बनी है। डेस्टीनेशन उत्तराखंड न्यू इंडिया का प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तमाम लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि मैं उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता की ओर से, डेस्टिनेशन उत्तराखंड पर भरोसा जताने के लिए आपका आभार प्रकट करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस मंच पर गरिमामयी उपस्थिति से हमारा उत्साहवर्धन हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड की प्रेरणा हमें प्रधानमंत्री की नायाब सोच, कोऑपरेटिव फेडरलिज्म से मिली। राज्यों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, इसी सोच का नाम है डेस्टिनेशन उत्तराखंड। साल 2000 में जब उत्तराखंड का गठन हुआ था, तो उद्योगों के लिहाज से यह पिछड़ा क्षेत्र था, राज्य में पूंजी निवेश व रोजगार के समुचित अवसर उपलब्ध नहीं थे। लेकिन स्व. अटल जी की सरकार ने उत्तराखंड को विशेष औद्योगिक पैकेज देकर अपने पैरों पर खड़ा करने में मदद की।
उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति ने इस देवधरा को भरपूर नैसर्गिक सौंदर्य से नवाजा है। हमने इस राज्य में मौजूद संभावनाओं को आप सबके सामने रखा है। ‘‘मैं आपको ये विश्वास दिलाता हूं कि, हमारा आपका रिश्ता केवल सरकार और निवेशक भर का न रहकर, राज्य की खुशहाली में साझीदार बनने का भी है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेहतर व्यापारिक वातावरण के लिए जो खूबियां चाहिए वह सब इस राज्य में मौजूद हैं। हमारी पहचान शांत सुरक्षित राज्य के तौर पर है। हमारे राज्य में स्किल्ड मैनपावर है, बिजली की दरें यहां काफी सस्ती हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में हम सभी पहाड़ी राज्यों में सबसे आगे हैं। उत्तराखंड में निवेशकों की राह आसान करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू है। समिट से पहले ही तकरीबन 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए जा चुके हैं।
उत्तराखंड में सड़कों का मजबूत नेटवर्क है जिसमें 2,954 किमी. नेशल हाइवे, 4,637 किमी. स्टेट हाइवे और 34,515 किमी. ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण सड़कों और स्टेट राजमार्गों द्वारा कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। ऑल वेदर रोड और 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन चार धामों तक सड़क और रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देगी। यानी रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से उत्तराखंड निवेश के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड की आर्थिकी को पर्यटन आधारित बनाना चाहते हैं। इसलिए हमने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। हम 13 जिलों में 13 नए टूरिज्म डेस्टिनेशन का निर्माण कर रहे हैं। इस क्षेत्र में निवेश के भरपूर अवसर मौजूद हैं। उत्तराखंड, योग आध्यात्म और वेलनेस का सेंटर है। यहां हिमालय की कंदराओं में दुर्लभ जड़ी बूटियां और औषधीय गुणों के आयुर्वेदिक पौधे मौजूद हैं। नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड के पास 4,000 मेगावाट के सोलर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता है। चीड़ की पत्तियां जिसे स्थानीय भाषा में पिरूल कहा जाता है, इसे भी हमने बायोफ्यूल तैयार करने के लिए पिरूल पॉलिसी लागू की है।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने हिमालय और प्रकृति की गोद मे स्थित गंगा, यमुना, संतों, सूफियों और गुरुओं की धरती को तप भूमि बताते हुए कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य, गुरु गोविंद सिंह जी, सूफी संत हजरत साबिर कलियारी, स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी की तपोभूमि है। यहां के लोगों की उद्यमिता की वजह से ही युवा स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित प्रसाद, सड़कों की मरम्मत, होम स्टे जैसी गतिविधियां चल रहीं हैं। विगत 18 वर्षों राज्य की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी दस गुना बढ़कर 1.60 लाख रुपये हो गई है। रोड नेटवर्क 789 किलोमीटर प्रति 1000 वर्ग किलोमीटर हो गई है।
इस अवसर पर कई उद्योगपतियों ने अपने अपने विचार रखे। अमूल के एमडी आर.एस. सोढ़ी ने कहा कि डेयरी व्यवसाय की उत्तराखंड में काफी सम्भावनाएं हैं। महिन्द्रा ग्रुप के एमडी पवन कुमार गोयनका ने कहा कि उत्तराखंड में गुड गर्वनेंस उद्योग व निवेष में सहायक है। आईटीसी के संजीव पुरी ने कहा कि राज्य में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में काफी काम किया जा सकता है। जिंदल गु्रप के सज्जन जिंदल ने केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए प्रधानमंत्री की प्रेरणा से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में उद्यमी निवेष करें नही ंतो इन बेहतरीन अवसरों से वंचित हो जाएंगे। अड़ानी ग्रुप के प्रणव अड़ानी ने कहा कि उनके गु्रप द्वारा मेट्रो, स्मार्ट सिटी व सोलर के क्षेत्र में राज्य में निवेष की योजनाएं बनाई हैं। उत्तराखंड की औद्योगिक नीतियां व सिंगल विंडो सिस्टम निवेष के अनुकूल हैं। पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने उत्तराखंड में योग, आयुष व वैलनेस की व्यापार सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला।
उत्तराखंड इन्वेस्टर सम्मिट के द्वितीय सत्र मे आयोजित फिल्म एवं शूटिंग सत्र की अध्यक्षता करते केन्द्रीय फिल्म एवं प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष व प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य मे फिल्म उद्योग को विकसित करने हेतु, राज्य मै बेहतर फिल्म नीति बनाने के साथ ही फिल्म निर्माताओं, सरकार, निजी निवेशकों व स्थानीय लोगों को मिलकर कार्य करना होगा, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पूर्व समय से ही अनेक फिल्मों की शूटिंग हुई है, यहां की लोक संस्कृति, भाषा, लोक नृत्य, लोक गीत, के साथ ही यहं का प्राकृतिक सोन्दर्य आपने आप मे एक अलग पहचान रखता है, विगत वर्षों से राज्य सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को बढ़ावा दिए जाने हेतु एक विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म उद्योग के बढ़ावा से जहां एक ओर पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा वही रोजगार के अवसर बढ़गे और पलायन भी रुकेगा।







Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *