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मुुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात

CM Photo dt 8 September, 2014प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की नई दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से पूर्वोत्तर राज्यों के समान 90:10 के अनुपात में सहायता देने व केदारनाथ धाम, गैरसैंण, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्गों के विकास व अर्द्धकुम्भ 2016 के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर राज्य से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को इस विषय में पत्र सौंपते हुए कहा कि गत वर्ष आपदा के दौरान रूद्रप्रयाग से गौरीकुण्ड होते हुए केदारनाथ के मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। प्रदेश सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इन मार्गो को यात्रा हेतु ठीक करते हुए खोल दिया गया है। दीर्धकालीन रणनीति के अंतर्गत गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम हेतु विकल्प के रूप में 2 स्थानों पर सुरंग के रास्ते मार्ग बनाने की आवश्कता है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए एक विशेष पैकेज व केदारनाथ धाम में केदारपुरी को नये सिरे से बसाने एवं रूद्रप्रयाग-सोनप्रयाग-गौरीकुण्ड- लिण्चोली पुनर्निमार्णध्पुनर्वास के लिए लगभग 1000 करोड़ रूपये के विशेष पैकेज दिए जाने का अनुरोध किया। ताकि केदारनाथ धाम विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं से परिपूर्ण हो सके।

जोशीमठ-लामबगड़-श्रीबद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण एवं घांधरिया से हेमकुंड साहिब एवं विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए सुगम बनाने हेतु प्रदेश द्वारा रज्जू मार्ग के निर्माण की परिकल्पना पूरी कर ली गई है। इसके लिए 500 करोड़ रूपये के एक विषेष पैकेज की आवश्यकता है।

उत्तराखण्ड की महान् जनता की जनभावनाओं का आदर करते हुए गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में गैरसैंण में सचिवालय परिसर, विधान भवन एवं इनसे जुडी हुई अन्य सुविधाओं को विकसित करने का कार्य गतिमान है। इसके साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, बेस हास्पिटल एवं गैरसैंण को विभिन्न क्षेत्रों से सडक मार्ग द्वारा जोडने हेतु लगभग 100 कि.मी. के सडक निर्माण को भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है। उपरोक्त समस्त कार्यो के लिए भारत सरकार से 250 करोड रूपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया जाए।

हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य पावर डेफिसिट राज्य है। वर्तमान में लखवाड़ पावर प्रोजेक्ट का टैक्नो-इकोनोमिक क्लियरेंस, एनवायरनमेंटल एवं फोरेस्ट क्लियरेंस भारत सरकार से प्राप्त हो चुका है। अब मात्र इनवेस्टमेंट क्लियरेंस होना शेष है जिस हेतु कैबिनेट सचिव को संबंधित विभाग से इनवेस्टमेंट क्लियरेंस देने हेतु अधिकृतध्निर्देशित करने का कष्ट करें। इस पर त्वरित कार्यवाही की अपेक्षा है।

पूर्वोतर राज्यों में भारत सरकार की योजनाओं का भारत सरकार और राज्यों में अंशदान का अनुपात 90:10 प्रतिशत है। जब कि उत्तराखण्ड राज्य एक स्पेशल केटेगिरी राज्य एवं पूर्वोत्तर के समान पर्वतीयध्अन्तर्राष्ट्रीय सीमान्त होते हुए भी अंशदान का अनुपात कहीं 70:30 कहीं 75:25 हैं। अतः पूर्वोतर राज्यों की तरह उत्तराखण्ड राज्य को भी योजनाओं के अन्तर्गत अंशदान 90:10 किया जाए। पूर्व में एन.डी.सी. की बैठकों में अध्यक्ष योजना आयोग एवं वन एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को ग्रीन बोनस देने का आश्वासन दिया गया था। किन्तु अभी तक ये प्राप्त नहीं हुआ है।

आगामी 2016 के अर्द्धकुम्भ मेले (हरिद्वार) का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार में प्रवासित होंगे। मेला क्षेत्र एक वृहत भू-भाग है जिसमें जनपद हरिद्वार, जनपद देहरादून, जनपद टिहरी गढ़वाल तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के भू-भाग शामिल होते हैं। मेला क्षेत्र उत्तराखण्ड राज्य के प्रवेश द्वार नारसन से प्रारम्भ होकर जनपद पौड़ी के नीलकंठ क्षेत्र एवं जनपद टिहरी के नरेन्द्रनगर तक फैला हुआ होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीकेदारनाथ आने के लिए आमंत्रित किया और विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड से संबंधित उक्त बिंदुओं पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।

हिलमेल ब्यूरो

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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