वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और अब तक अपर मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे राकेश शर्मा ने 31 जुलाई को उत्तराखंड के नये मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया। राकेश शर्मा ने राज्य सचिवालय में कार्यभार ग्रहण किया, उन्होंने अपने पूर्ववर्ती एन रविशंकर से कार्यभार
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और अब तक अपर मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे राकेश शर्मा ने 31 जुलाई को उत्तराखंड के नये मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया। राकेश शर्मा ने राज्य सचिवालय में कार्यभार ग्रहण किया, उन्होंने अपने पूर्ववर्ती एन रविशंकर से कार्यभार ग्रहण किया जो 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गये।
वर्ष 1982 बैच के अधिकारी राकेश शर्मा यहां वर्ष 2000 में राज्य गठन से पहले आने वाले उन चुनिंदा अफसरों में शुमार हैं जो अब तक सेवारत हैं। मुख्य सचिव बनने से पहले शर्मा अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास, नागरिक उड्डयन, वित्त, अवस्थापना विकास आयुक्त, मुख्य निवेश आयुक्त नई दिल्ली तथा अध्यक्ष राजस्व परिषद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
हिलमेल ने कुछ दिनों पहले ही बता दिया था कि उत्तराखंड में हरीश रावत सरकार ने अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा को मुख्य सचिव पद पर तैनात करने की तैयारी कर ली थी। इस पद के लिए राकेश शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा था। लेकिन कुछ कारणों से सरकार उनकी ताजपोशी से बचना चाहती थी। पिछली बार भी राकेश शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा था। अचनाक ही एन. रविशंकर केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति से वापस अपने मूल कैडर उत्तराखंड में आ गए तो सरकार ने उन्हें ही यह कुर्सी सौंप दी।
इस बार भी मामला कुछ ऐसा ही दिख रहा था। सरकार ने पहले तो एस. राजू को तीन माह का सेवा विस्तार देने का विचार किया। यानि 31 अक्टूबर तक उन्हें इस पद पर रखा जा सकता था। अहम बात यह थी कि इसी तारीख को अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा को भी रिटायर होना था। सचिवालय से एस. राजू को सेवा विस्तार देने का प्रस्ताव तैयार भी हुआ था। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री ने उसे केंद्र के पास नहीं भेजा। इससे एक बात तो साफ हो गई कि मौजूदा मुख्य सचिव को सेवा विस्तार नहीं दिया जा रहा था।
इस बीच सरकार ने केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर तैनात अपने अफसरों से भी बातचीत की थी। बताया जा रहा था कि आईएएस अफसर अमरेंद्र सिन्हा उत्तराखंड आने को तैयार ही नहीं हो रहे थे। सिन्हा इस समय राकेश शर्मा से वरिष्ठ हैं और अगर वो यहां आते हैं तो उनका मुख्य सचिव बनना तय है। एक अन्य आईएएस राजीव गुप्ता भी उत्तराखंड लौटना नहीं चाहते थे। अपने अफसरों की न के बाद सरकार ने दूसरे राज्य के अफसरों पर भी निगाह डाली।
सूत्रों का कहना है कि यूपी कैडर के रमेश नेगी से भी सरकार की बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि बाहर से मुख्य सचिव लाने की स्थिति में अपने कैडर के अफसरों की संभावित नाराजगी को देखते हुए सरकार ने इस मामले से भी अपने हाथ खींच लिए। आखिरकार इस बात पर सहमति बनी कि राकेश शर्मा को ही मुख्य सचिव की कुर्सी सौंपी जाए। अब राकेश शर्मा ने मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनका कार्यकाल 1 अगस्त से 31 अक्टूबर तक होगा। सूत्रों का कहना है कि अगर कोई विवाद नहीं हुआ तो सरकार राकेश शर्मा को रिटायर होने के बाद भी तीन माह का सेवा विस्तार भी दे सकती है।
हिलमेल ब्यूरो







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