राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर फतह करने वाले भारतीय थलसेना के महिला पर्वतारोही दल को मानेकशाॅ सेन्टर में 3 जुलाई को बधाईं दी। यहां आयोजित एक समारोह में इस दल को बधाईं देते हुए प्रतिभा ने कहा, ‘‘भारतीय थलसेना
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर फतह करने वाले भारतीय थलसेना के महिला पर्वतारोही दल को मानेकशाॅ सेन्टर में 3 जुलाई को बधाईं दी। यहां आयोजित एक समारोह में इस दल को बधाईं देते हुए प्रतिभा ने कहा, ‘‘भारतीय थलसेना ने इतने साहसिक काम को पूरी सफलता से अंजाम देने में अपने एक महिला दल को लगा कर एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है’’।
कर्नल अजय कोठियाल की अगुवायी वाले इस 22 सदस्यीय दल में भारतीय थलसेना की विभिन्न शाखाओं की सात महिला अधिकारी शामिल थी। इस दल की सबसे युवा सदस्य 25 वर्षीय कैप्टन स्मिता थी।
इस दल ने अत्याधिक मुश्किलों के कारण ‘डेथ जोन’ के नाम से चर्चित दक्षिणी क्षेत्र की तरफ से चढ़ाईं शुरू कर 25 मई को इस चोटी पर फतह पायी। गौरतलब है कि इस दल के सूबेदार राजेंद्र जलाल अतिरिक्त ऑक्सीजन आपूर्ति के बिना एवरेस्ट पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।
राष्ट्रपति ने उनके बारे में कहा, ‘‘अतिरिक्त ऑक्सीजन आपूर्ति के बिना एवरेस्ट फतह करने वाले पहले भारतीय पवर्तारोही सूबेदार राजेंद्र सिंह जलाल को मेरी ओर से विशेष बधाईं’’।
पहली बार इस रास्ते से सर एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोग्रे ने चढ़ाई कर एवरेस्ट फतह की थी।







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