पेशावर आतंकी हमले के बाद भारत से बदला लेने की हाफिज सईद की धमकी के बीच पीओके से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल पर ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सेना हुई चुस्त लेकिन पीओके में मौजूद लांच पैड से सैकड़ों आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक
पेशावर आतंकी हमले के बाद भारत से बदला लेने की हाफिज सईद की धमकी के बीच पीओके से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल पर ग्राउंड जीरो से एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। सेना हुई चुस्त लेकिन पीओके में मौजूद लांच पैड से सैकड़ों आतंकी भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। जम्मू के पुंछ से सटे नौशेरा सेक्टर में एलओसी पर मौजूद फॉरवर्ड पोस्ट में सेना की तैयारियों को देखकर साफ है कि हाल ही में उड़ी में सेना के कैम्प पर आत्मघाती हमले और पाकिस्तान में आतंक के बिगड़ते हालात के बीच सेना ने सरहद पर चैकसी कई गुना बढ़ा दी है। मैंने लाइन ऑफ कंट्रोल के ठीक सामने पीओके के उस इलाके को कैमरे में कैद किया जहां पर कई आतंकी कैम्प चल रहे हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कालीधार से लगने वाले भिंबर इलाके में गाँव के अंदर पाकिस्तानी सेना के पोस्ट के आसपास ही ये कैम्प मौजूद हैं। रात के वक्त नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर की मदद से पाकिस्तानी सेना की पोस्ट और गाँव में चल रही गतिविधि को साफ देखा जा सकता है। बावजूद इसके नए साल के मौके पर सीमापार से आतंक की चुनौती के बीच एलओसी पर दुश्मन की गोली और कड़ाके की ठण्ड का मुकाबला करते हुए भारतीय सेना के जवान नए साल का स्वागत कर रहे हैं? अपने परिवार से दूर सरहद पर रात के वक्त बॉन फायर यानी आग जलाकर जवान नाच गाकर नए नए साल का जश्न मना रहे हैं।
आतंक की आग से झुलस रहे पाकिस्तान की कथनी और करनी में कितना फर्क है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक तरफ पाकिस्तान अफगानिस्तान से लगी सीमा पर तालिबान के आतंकियों के सफाये की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में दहशतगर्दी के 40 से ज्यादा कैम्प बदस्तूर जारी हैं। सीमापार से गोलाबारी का मुँहतोड़ जवाब दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लाइन ऑफ कंट्रोल पर 2000 से ज्यादा खूंखार आंतकी घुसपैठ की फिराक में हैं। आजतक की टीम ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर फॉरवर्ड पोस्ट का जायजा लिया। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का ये वो इलाका हैं जहां पर मौजूद लॉन्चिंग पैड से आतंकी घसपैठ की फिराक में हैं और ऐसे में सेना ने अपनी मुस्तैदी कई गुना बढ़ा दी है।
हमारा मिशन मौजूदा हालात में पीओके से लगने वाली लाइन ऑफ कंट्रोल पर मौजूद सेना की अग्रिम चैकियों तक जाना था। हमने पीओके से वाली लगने वाली नियंत्रण रेखा पर सेना के जवानों के साथ एक दिन और रात पेट्रोलिंग की। यहां पहुंचकर हमनें देखा की भारतीय सेना इन ऊँची पहाड़ियों पर पाकिस्तान पर पूरा दबाव बनाये हुए है। यहां हर ऊँची छोटी पर भारतीय सेना के जवान पाकिस्तानी सेना की चैकियों को निशाना बना रहे हैं लेकिन पाकिस्तान कहाँ बाज आने वाला मौका मिलते वो फायरिंग की आड़ में घुसपैठ की कोशिश करता है। ऐसे में जवान दिन और रात नियंत्रण रेखा पर पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी कर रहे हैं। क्योंकि सावधानी हटी दुर्घटना घटी के हालात हर वक्त बने रहते हैं। आजतक सवांददाता मनजीत नेगी और कैमरामैन दिलीप साहू ने सेना की एक घातक प्लाटून के साथ सरहद पर लगी फेंसिंग के साथ निगरानी पर निकले। इस मिशन में खतरा काफी बड़ा था सामने 150 मीटर से लेकर 700 मीटर की रेंज से दुश्मन कभी फायरिंग कर सकता है लेकिन जब साथ में सेना बहादुर जवान हों तो डर कुछ कम हो जाता है।
भारतीय सेना के जवान लगातार पीओके से होने वाली हर हरकत पर नजर रख रहे हैं। पाकिस्तानी सेना की पोस्ट के आसपास और गाँव में होने वाली हर हरकत पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। हमनें लाइन ऑफ कंट्रोल के ठीक सामने पीओके के उस इलाके को कैमरे में कैद किया जहां पर कई आतंकी कैम्प चल रहे हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कालीधार से लगने वाले भिंभर इलाके में गाँव के अंदर पाकिस्तानी सेना के पोस्ट के आसपास ही ये कैम्प मौजूद हैं।
रात के वक्त नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर की मदद से पाकिस्तानी सेना की पोस्ट और गाँव में चल रही गतिविधि को साफ देखा जा सकता है। सरहद पर मोर्चे कई तरह के हैं। कुछ जवान बंकर के अन्दर से निगरानी कर रहे हैं तो कुछ जवान ऊँचें पोस्ट से दुश्मन पर नजर रख रहे हैं। हर जवान आधुनिक हथियारों और निगरानी यंत्रों से लैस है। कड़ाके की ठंड में तैनात इस जवान को कोई चिंता नहीं है। इसका एक ही लक्ष्य है कि सरहद के उस पार से कोई दुश्मन हमारी सीमा को न लांघ सके। हमनें देखा की किस तरह लाइन ऑफ कंट्रोल पर सेना के जवान पाकिस्तान की हर गोली का मुहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
नौशेरा सेक्टर में सेना की इस फॉरवर्ड पोस्ट में सेना की मुस्तैदी को देखकर हमारे लिए अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं था पाकिस्तान के बिगड़ते हालात और हाफिज सईद की धमकी से निपटने के लिए सेना ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। अगर पाकिस्तान इस बार अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाय। यहां तैनात हर जवान और अधिकारी इस बात की तस्दीक भी कर रहा था। रात होते ही पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ का सच भी सामने आ गया। रात के वक्त अग्रिम चैकियों पर निगरानी का सिलसिला और तेज हो जाता है। फेंसिंग के साथ निगरानी के साथ ही नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर से निगरानी की जा रही है।
बंकर के अंदर बने कंट्रोल रूम में हमनें देखा की पाकिस्तान की पोस्ट में कुछ हरकत हो रही है। सेना के जवान नाईट विजन कैमरा और थर्मल इमेजर की मदद से लगातार इस टारगेट पर नजर रख रहे हैं। रात के वक्त सेना की घातक प्लाटून के जवान पूरी तरह से सजग होकर आगे बढ़ रहे थे। पेट्रोलिंग टुकड़ी बड़ी सावधानी के साथ आगे बढ़ रही थी क्योंकि अब हम दुश्मन के निशाने पर थे। तभी अचानक फेंसिंग की दूसरी तरफ कुछ हरकत होने पर जवानों ने अपनी अपनी पोजीशन संभाल ली। सरहद पर निगरानी का ये सिलसिला यूँ ही पूरी रात और दिन चलता है। गलती के लिए कोई जगह नहीं है। इन जवानों को बस अपने कम्पनी कमांडर की हिदायत याद है कि सरहद पर हालात गर्म हैं। दुश्मन इसका फायदा उठा सकता है। ऐसे में ज्यादा चैकन्ना रहने की जरुरत है।
खुफिया रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान के अंदरुनी हालात से ध्यान हटाने और जम्मू कश्मीर चुनावों की सफलता से बौखलाई आईएसआई और हाफिज सईद ने सीमापार आतंकियों को भेजने की एक खास रणनीति बनाई है। जिसके तहत अब बर्फवारी के दौरान आतंकियों को खास तैयारी के साथ नए रास्तों से जम्मू कश्मीर में भेजा जायेगा। हाल में उड़ी में सेना के आतंकी कैंप पर आत्मघाती हमला उसी का नतीजा था। अब तक पीर पंजाल के दक्षिण से घुसपैठ को अंजाम देते थे जो प्राकृतिक लिहाज से अधिक सुगम है। हालांकि इन कोशिशों में आतंकवादी पुंछ व राजौरी के इलाके में मारे जाते रहे हैैं। वहीं उत्तरी पील पंजाल की दुश्कर पहाड़ी इलाका विषमताएं उन्हें भारी पड़ती थी। ऐसे में कुछ आतंकी शिविरों को उत्तरी इलाके में पहुंचाकर पाक स्थित आतंकी आकाओं की कोशिश बड़ी संख्या में आतंकवादियों को भेजने की है।
सीमा पार अब भी 42 आतकंवादी प्रशिक्षण शिविर सक्रिय हैं और 2000 से ज्यादा खूंखार आंतकी घुसपैठ की फिराक में हैं। पाक सेना की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर अधिकतर आतंकी ट्रेनिंग कैम्प भारत के पुंछ जिले के सामने वाले क्षेत्र में बाग, रावलाकोट, कोटली, गुलपुर, अलियाबाद, आदि में चल रहे हैं। पुंछ के सामने के 11 इलाकों में 23 के करीब प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं। मनसेहरा में इनकी संख्या 20 के करीब है। बाकी के आतंकवादी ट्रेनिंग कैम्पों के लिए पाक सेना ने मुज्जफराबाद के इलाकों को चुना है।
जब हम अपने परिवार के साथ नए साल के जश्न का मजा ले रहे हैं ऐसे में एलओसी पर दुश्मन की गोली और कड़ाके की ठंड के बीच भारतीय सेना के जवान कैसे नए साल का स्वागत कर रहे हैं ये देखना अपने आप में रोमांचकारी है। अपने परिवार से दूर सरहद पर रात के वक्त बॉन फायर यानी आग जलाकर जवान नाच गाकर नए नए साल का जश्न मना रहे हैं। कड़कड़ाती ठंड के बीच असम रेजिमेंट के इन जवानों के जोश से सरहद पर मौहाल गर्म हो गया। जवानों का जोश बढ़ा तो नाचने का सिलसिला शुरू हो गया और सारे जवान आग के चारों तरफ पूरी मस्ती में झूमनें लगे। सरहद पर क्रिसमस से लेकर नए साल तक जवान जश्न के मूड में नजर आ रहे हैं। आपस में मिलबैठकर नाच गाने से जवान सरहद की सारी मुश्किलात को भूल जाता है।
– एलओसी नौशेरा जम्मू से मनजीत नेगी







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