जून 2013 में उत्तराखंड में आई भयानक प्राकृतिक आपदा ने जहां भंयकर जानमाल का नुकसान किया और हजारों लोग बेघर हो गये। वहीं इस त्रासदी से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी काफी प्रभावित हुई। यह क्षेत्र जो सम्पूर्ण रूप से पर्यटन पर आश्रित है वहां पर
जून 2013 में उत्तराखंड में आई भयानक प्राकृतिक आपदा ने जहां भंयकर जानमाल का नुकसान किया और हजारों लोग बेघर हो गये। वहीं इस त्रासदी से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी काफी प्रभावित हुई। यह क्षेत्र जो सम्पूर्ण रूप से पर्यटन पर आश्रित है वहां पर पर्यटन क्षेत्र में रोजगार अवसरों में कमी आने से बेरोजगारी के हालात पैदा हो गये हैं। वहीं अनेकों स्कूल और दूसरे शिक्षा केन्द्र भी इससे प्रभावित हुए जिसके कारण शिक्षा के अवसरों के ऊपर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया। भारत एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाये गए बचाव कार्य में विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और पुर्नवास के काम में अहम भूमिका निभाई।
इसी में एक नाम भारतीय तटरक्षक बल का है जिसने पहाड़ में आपदा के बाद राहत और पुनर्निर्माण के काम में हाथ बंटाया। केदारनाथ आपदा के बाद पुनर्निर्माण और दीर्घकालीक योजनाओं के अंतर्गत भारतीय तटरक्षक बल ने उत्तराखंड के दूरदराज पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने हेतु कदम उठाया। भारतीय तटरक्षक बल ने गौचर में पहली बार भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के सहयोग से 2014 में नाविक भर्ती का आयोजन किया। आपदा प्रभावित और पहाड़ के पिछड़े इलाकों के 40 से ज्यादा गरी
ब युवकों को भारतीय तटरक्षक बल में भर्ती होकर देश सेवा का मौका मिला। इस रैली की सफलता देखते हुए वर्ष 2015 में भी गौचर में भर्ती रैली का आयोजन किया जायेगा। इस भर्ती रैली केे आयोजन से दूरदराज पहाड़ के नौजवानों को जो कि कई कारणवश देहरादून तक नहीं आ सकते थे, उनको भी भर्ती में सम्मलित होने का मौका मिला। भारतीय तटरक्षक बल के एडीजी राजेन्द्र सिंह के मुताबिक आने वाले समय में पूर्व योजना अनुसार इन भर्ती रैलियों का आयोजन गढ़वाल व कुमांऊ के दुर्गम क्षेत्रों में भी किया जाएगा।
भारतीय तटरक्षक बल कई वर्षों से हर वर्ष ‘‘तटीय सफाई’’ नामक कार्यक्रम का आयोजन करता रहा है जिसके अन्तर्गत गंदे व दूषित तटीय किनारों एवं क्षेत्रों को साफ किया जाता है और अब भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत भारतीय तटरक्षक के भी सभी पोतों और अन्य जगहों को भी इस स्वच्छता अभियान के साथ जोड़ दिया गया है। इस अभियान के लिये कई विभिन्न गतिविधियों का आयोजन तटरक्षक में किया जा रहा है, ताकि हमारे समुद्र तटीय क्षेत्रों को और सुन्दर एवं स्वच्छ बनाया जा सके।
हिलमेल ब्यूरो







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