अंतराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश और दुनिया में योग की धूम मची है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की मुहिम में भारतीय सेना के जवान कैसे पीछे रह सकते हैं। अभी कुछ समय पहले ही पीएम मोदी सियाचिन बेस कैंप में सेना के जवानों
अंतराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश और दुनिया में योग की धूम मची है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की मुहिम में भारतीय सेना के जवान कैसे पीछे रह सकते हैं। अभी कुछ समय पहले ही पीएम मोदी सियाचिन बेस कैंप में सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाकर गए थे। इसलिए जवानों में योग को लेकर खासा जोश है। सियाचिन में तैनात जवान पीएम मोदी के योग मिशन को नई ऊँचाइयों पर पहुंचा रहे हैं।
सियाचिन बेस कैंप तक पहुँचने के लिए हमनें अपना सफर लेह से शुरू किया। लेह से सड़क के रास्ते सियाचिन बेस कैंप तक पहुँचने का रास्ता काफी मुश्किलों से भरा है। लेह से सियाचिन बेस कैंप का रास्ता 230 किलोमीटर लम्बा है जो कि दुनिया के सबसे ऊँचे सड़क मार्ग खारदुंगला से होकर गुजरता है। पूरा रास्ता चार से पांच फीट बर्फ से ढ़का है। साथ ही रास्ते में ऊँचे पहाड़ से होकर ये सड़क 12
हजार फीट पर मौजूद सियाचिन बेस कैंप पहुँचती है। सियाचिन का इलाका भारत के लिए सामरिक नजरिये से काफी अहम् है। सियाचिन की 45 से ज्यादा ऊँची चोटियों पर भारतीय सेना का कब्जा है। 1970 से लेकर 1988 तक भारतीय ने पाकिस्तान के साथ सियाचिन पर अपना दबदबा कायम करने के लिए काफी संघर्ष किया। आज भारतीय सेना सियाचिन में मौसम के जानलेवा हालात के बीच अपना दबदबा बनाये हुए है। 2003 से सियाचिन में संघर्ष विराम लागू है।
एक रात सियाचिन बेस कैम्प में बिताने के बाद सुबह 7 बजे सूरज की पहली किरण के साथ सेना की अलग अलग यूनिट के 924 जवान और अफसर योग अभ्यास के लिए तैयार हैं। सभी ने सियाचिन की खास सफेद ड्रेस पहन रखी है। योग अभ्यास कराने के लिए योग प्रशिक्षक मौजूद हैं। बेस कैंप कमांडर कर्नल वी हरिहरन ने बताया कि सियाचिन में तैनात सैनिकों को काफी लम्बे समय से योग सिखाया जा रहा है और इसका काफी फायदा भी हो रहा है। योग अभ्यास में सूर्य नमस्कार को लेकर भले ही देश में हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति हो रही हो लेकिन सियाचिन में हिंदू, मुसलमान, सिख और ईसाई हर जवान बिना विवाद के एक साथ योग अभ्यास कर रहा है।
दुनिया के सबसे ऊँचे और मुश्किल युद्ध क्षेत्र सियाचिन में ऑक्सीजन की भारी कमी है। बर्फीले और जानलेवा हालात के बीच यहाँ तैनात जवान दुश्मन की गोली से ज्यादा मौसम की मार झेलता है। ऐसे में योग अभ्यास इन जवानों के लिए काफी फायेदमंद साबित हो रहा है। सियाचिन में मुश्किल हालात के बीच देश की सरहद की निगरानी कर रहे जवानों के लिए योग अभ्यास उनकी ड्यूटी का एक हिस्सा है। और जब योग आज सारे देश और प्रधानमंत्री मोदी का मिशन बन गया है तो जवान दोगुने जोश के साथ सियाचिन में योग कर रहे हैं।
– मनजीत नेगी, सियाचिन बेस कैंप







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