भारतीय सेना के सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों, वीर नारियों और बलिदानी सैनिकों के आश्रितों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल की गई है। भारतीय सेना और देहरादून स्थित कंबाइंड (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (CIMS) एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के बीच शैक्षणिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है। इस समझौते के तहत सैन्य परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में विशेष आर्थिक सहायता और फीस में छूट प्रदान की जाएगी।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना के अधिकारियों और CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते का मुख्य उद्देश्य सैन्य कर्मियों और उनके परिवारों की नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना तथा शिक्षा पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
वीर नारियों और बलिदानी सैनिकों के बच्चों को 100% ट्यूशन फीस माफी
MoU की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था के तहत देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों तथा वीर नारियों के बच्चों को 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी का लाभ दिया जाएगा। इस पहल को बलिदानी सैनिकों के परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी और वे अपनी रुचि के अनुसार उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। संस्थान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी सैन्य परिवार के प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बनें।
सैनिकों और आश्रितों को 40 प्रतिशत तक फीस में छूट
समझौते के तहत पात्र सेवारत एवं सेवानिवृत्त भारतीय सेना के सैन्य कर्मियों के बच्चों और आश्रितों को उच्च शिक्षा में 40 प्रतिशत तक फीस की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा पात्र अग्निवीरों और उनके आश्रितों को भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार इस शैक्षणिक सहयोग का लाभ मिलेगा।
यह व्यवस्था सैन्य परिवारों के बच्चों को व्यावसायिक और रोजगारपरक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे विद्यार्थियों को अपने करियर के लिए बेहतर विकल्प चुनने में भी मदद मिलेगी।
मेडिकल से लॉ और मैनेजमेंट तक शिक्षा के अवसर
CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिक्षा, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, होटल मैनेजमेंट और लॉ सहित विभिन्न क्षेत्रों में पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। MoU के माध्यम से पात्र सैन्य आश्रित विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विशेष आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
‘सैनिक परिवारों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य’
CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एवं शिक्षाविद एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। ऐसे में उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना संस्थान के लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी सैन्य परिवार का प्रतिभाशाली बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित न रहे, यही इस पहल का उद्देश्य है।
सैन्य परिवारों के कल्याण की दिशा में कदम
यह समझौता सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, बलिदानी सैनिकों के आश्रितों और अग्निवीर परिवारों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। इससे सैन्य परिवारों की नई पीढ़ी को चिकित्सा, स्वास्थ्य, नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, कानून, प्रबंधन, कंप्यूटर साइंस और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में बेहतर करियर बनाने में सहायता मिलेगी।
MoU हस्ताक्षर कार्यक्रम में भारतीय सेना के अधिकारियों के साथ CIMS एंड UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एवं शिक्षाविद एडवोकेट ललित मोहन जोशी, प्रबंध निदेशक संजय जोशी, अकादमी निदेशक डॉ. सपना जोशी तथा प्रशासनिक अधिकारी मेजर ललित सामंत मौजूद रहे।








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