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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वालसरोकार

11 मिनट का चमत्कार: एसीपी संजय असवाल ने बचाई विदेशी खिलाड़ी की जान, ट्रैफिक में बनाया ‘ग्रीन कॉरिडोर’

पहाड़ की सादगी और साहस अक्सर बड़े शहरों में भी अपनी अलग पहचान छोड़ जाते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां पहाड़ के जांबाज एसीपी ट्रैफिक संजय असवाल ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक विदेशी खिलाड़ी की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस सराहनीय कार्य ने न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।

घटना उस समय की है जब दिल्ली और पंजाब के बीच खेले जा रहे आईपीएल मैच के दौरान दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी को सिर पर गंभीर चोट लग गई। मैदान पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता महसूस हुई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आयोजकों ने तुरंत खिलाड़ी को राजेंद्र नगर स्थित बीएलके मैक्स हॉस्पिटल ले जाने का निर्णय लिया।

जैसे ही इस घटना की सूचना सेंट्रल रेंज में तैनात एसीपी ट्रैफिक संजय असवाल को मिली, उन्होंने बिना समय गंवाए पुलिस कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित किया। दिल्ली जैसी व्यस्त और ट्रैफिक से भरी सड़कों पर किसी भी आपातकालीन वाहन को तेजी से निकालना एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन एसीपी असवाल के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस टीम ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया।

पुलिस टीम ने रास्ते में आने वाले सभी प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के तेज गति से अस्पताल तक पहुंच सकी। इस कुशल प्रबंधन का ही परिणाम था कि घायल खिलाड़ी को मात्र 11 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां उसे समय पर उपचार मिल सका।

मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के पट्टी मनियारस्यूं, ग्राम थापला निवासी संजय असवाल की प्रारंभिक शिक्षा राइका कांसखेत विद्यालय से हुई है। वे न केवल एक कुशल पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान और रंगकर्मी भी हैं।

सोशल मीडिया पर उनके इस कार्य की जमकर सराहना हो रही है। लोग उन्हें एक सच्चा हीरो बता रहे हैं, जिसने अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए मानवता की मिसाल पेश की। एसीपी संजय असवाल का यह कार्य साबित करता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

उनकी इस बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा ने न केवल एक जीवन बचाया, बल्कि पूरे पौड़ी गढ़वाल का नाम भी रोशन कर दिया।

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Hill Mail

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