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डिफेंस एक्सपो में 50 हजार करोड़ के करार, UP के 3 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी

हिल मेल ब्यूरो, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रहे देश के सबसे बड़े डिफेंस एक्सपो में स्वदेशी हथियारों की धूम रही। शुक्रवार को 11वें डिफेंस एक्सपो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कई कंपनियों के साथ करार हुए। राजनाथ और सीएम योगी ने आर्टलरी गन, शारंग तोप जैसे 13 हथियार लॉन्च भी किए।

उत्तर प्रदेश में 50 हजार करोड़ के 23 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सीएम योगी ने कहा कि इससे यूपी के लिए संभावनाएं बढ़ेंगी और 3 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। अपने भाषण में सीएम योगी ने कहा कि एक पार्टनर स्टेट की तरह उत्तर प्रदेश ने डिफेंस एक्सपो में सहभागी बनकर प्रदेश के अंदर की संभावनाओं को देश और दुनिया के सामने रखने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने फरवरी 2018 में लखनऊ में एक डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा की थी। पिछले 2 साल के दौरान हमारी सरकार ने इससे जुड़े कई कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मिलकर 6 नोड्स में करने का प्रयास किया ताकि रक्षा उत्पादन के लिए छोटे से बड़े उद्योग प्रदेश में लगे।

सीएम ने आगे कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश सरकार के साथ यूपीडा के माध्यम से आज (शुक्रवार को) 23 एमओयू संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा उद्योग प्रदेश का आर्थिक दृष्टि से सबसे कमजोर क्षेत्र माना जाता था लेकिन बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत कानून-व्यवस्था के चलते एक डिफेंस एक्सपो के माध्यम से ही हम 50 हजार करोड़ से अधिक के निवेश को प्रदेश में आमंत्रित करने में सफल हो रहे हैं।

एशिया के सबसे बड़े हथियार मेले में एक तरफ 54 देशों की अत्याधुनिक रक्षा तकनीक देखने को मिली तो वहीं पीएम मोदी के हाथ में वर्चुअल राइफल की तस्वीरों ने भी लोगों को खूब रोमांचित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि एक्सपो में 70 से अधिक देशों की रक्षा कंपनियों और 39 देशों के रक्षा मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें अमेरिका, यूके, यूएई, साउथ कोरिया, रूस, इजरायल जैसे देश शामिल हैं।

(लखनऊ में डिफेंस एक्सपो के दौरान वर्चुअल राइफल से निशाना साधते पीएम मोदी)

खास बात यह है कि 15 से अधिक अफ्रीकी देशों के रक्षामंत्रियों के साथ विशेष कॉन्फ्रेंस का भी पहली बार आयोजन होगा। इसके जरिए भारत अफ्रीकी देशों में रक्षा उत्पादों के बाजार की संभावनाएं तलाशेगा। रक्षा मंत्री का कहना है कि भारत लंबे वक्त तक रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेगा। हमारी कोशिश है कि एक भाई जवान, एक किसान और तीसरा श्रमवान हो। हम नहीं चाहते कि हमारे युवा डिग्री लेकर दर-दर भटकें और रोजगार न मिलने पर अराजक हों।

आपको बता दें कि वृंदावन योजना के सेक्टर 15 में 43 हजार वर्गमीटर में फैले मैदान में हथियारों का एशिया का सबसे बड़ा बाजार सजाया गया। यह 2018 में चेन्नै में हुए डिफेंस एक्सपो का करीब पांच गुना है।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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