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नगर निकाय चुनावों में दोपहर 2 बजे तक हुआ 42 प्रतिशत मतदान, हरीश रावत का नाम लिस्ट में न होने से वह नहीं डाल पाये वोट

उत्तराखंड में 100 नगर निकायों के लिए मतदान आज हो रहा है। यहां पर मतदान सुबह आठ बजे से शुरू अुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान के लिए राज्य में कुल 1515 मतदान केंद्र बनाये गये हैं जिनमें कुल बूथों की संख्या 3394 है। इन निकाय चुनावों में मतदाताओं की कुल संख्या 30.29 लाख है। मतदान संपन्न कराने के लिए 3394 पोलिंग पार्टियां एक दिन पहले ही रवाना हो गई थी।

लोकतंत्र के इस पर्व में देहरादून नगर निकाय चुनाव 2024 के लिए मतदान हो रहा है। नगर निकायों के चुनावों में कई लोगों के नाम लिस्ट में नहीं होने के कारण यह लोग काफी नाराज दिखे और उन्होंने चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया। वहीं नेता भी अपनी अपनी तरह से बयानबाजी करते रहे। गणेश जोशी ने हरीश रावत का नाम न होने पर कहा कि उन्हें चुनाव से पहले यह पता कर लेना चाहिए था कि उनका चुनाव लिस्ट में नाम है या नहीं। उन्होंने कहा कि पहले मेरा नाम भी चुनाव की लिस्ट में नहीं था और मैंने भी बाद में अपना नाम जुड़वाया है। इसी तरह और लोगों को भी अपना नाम लिस्ट में देख लेना चाहिए था खासकर उन राजनीतिक दलों के नेताओं को ​जो कि सालों से राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

पिंक बूथ आकर्षण का केंद्र

इस चुनाव का सबसे प्रमुख पहलू महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में उठाया गया कदम है। देहरादून नगर निगम में 20 और ऋषिकेश नगर निगम में 5 पिंक बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों पर केवल महिला कर्मचारी तैनात हैं, जो महिला मतदाताओं को सहज और सुरक्षित अनुभव प्रदान कर रहे हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी सुनिश्चित करती है।

दिव्यांग के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था

प्रशासन ने दिव्यांगजनों को मतदान में सुविधा देने के लिए 23 विशेष वाहनों की व्यवस्था की है। मुख्य विकास अधिकारी/उपजिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने 22 जनवरी को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वाहनों में व्हीलचेयर और प्रशिक्षित कर्मी तैनात हैं, जो बीएलओ, एआरओ और आरओ से मिली सूचना पर दिव्यांग मतदाताओं को सहायता प्रदान कर रहे हैं। यह पहल दिव्यांगजनों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करती है।

चुनाव प्रक्रिया की सफलता के लिए 4704 मतदान कर्मियों और 1454 मतगणना कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इन कर्मियों को चुनाव प्रक्रिया की सभी तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया गया है। जिलाधिकारी/मुख्य निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक कर्मी अपने कर्तव्यों का पालन पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से करें।

अति-संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी

चुनाव में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मुख्य विकास अधिकारी/उपजिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि जिले में 141 संवेदनशील और 114 अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। इन बूथों पर पुलिस और इंटेलिजेंस की विशेष निगरानी रखी जा रही है।

मतदान सामग्री के भंडारण और मतगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी/उपजिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह के नेतृत्व में स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा में सख्त निगरानी रखी जा रही है। मतगणना के दिन प्रत्येक नगर निगम के लिए अलग-अलग टेबल की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

मतदाता उत्साह से कर रहे हैं मतदान

आज मतदान के दिन मतदाताओं में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर कतारें लगनी शुरू हो गईं। युवा, बुजुर्ग, और महिलाएं – सभी वर्ग के लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे लोकतंत्र का यह पर्व सभी के लिए समावेशी बना है। नगर निकाय चुनावों में दोपहर 2 बजे तक का मतदान प्रतिशत जारी किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी इस प्रकार रही:

नगर पालिका परिषद हरबर्टपुर: 45.28% मतदान।
नगर पंचायत सेलाकुई (सेंट्रल होप टाउन): 27.54% मतदान।
नगर पालिका परिषद विकासनगर: 41.83% मतदान।
नगर पालिका परिषद मसूरी: 41.79% मतदान।
नगर निगम ऋषिकेश: 29.56% मतदान।
नगर निगम देहरादून: 32.07% मतदान।
नगर पालिका परिषद डोईवाला: 34.54% मतदान।
जिला स्तर पर औसत मतदान प्रतिशत 36.09% रहा।

चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

Written by
Hill Mail

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