Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तराखंड में पिछले 48 घंटे में 6 बड़े हादसे, 8 लोगों की मौत, 13 घायल
उत्तराखंड न्यूज़

उत्तराखंड में पिछले 48 घंटे में 6 बड़े हादसे, 8 लोगों की मौत, 13 घायल

उत्तराखंड में मॉनसून दस्तक देने वाला है। लेकिन मॉनसून से पहले ही पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं दर्ज होने से डर सताने लगा है। ऐसे में मॉनसून के दौरान चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा शासन प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती है।

सोमवार को उत्तरकाशी के यमुनोत्री पैदल मार्ग पर नौ कैंची के पास भारी लैंडस्लाइड हो गया। इस हादसे में कुछ यात्रियों के मलबे में दबे होने की आशंका है। फिलहाल मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। घटना स्थल से एक बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है। जबकि एक घायल श्रद्धालुओं को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

सोमवार को चमोली के बदरीनाथ हाईवे के पातालगंगा के पास हादसा हुआ। जहां बदरीनाथ दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार के ऊपर बोल्डर गिरे। इस हादसे में एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई। जबकि एक पुरुष और एक बच्चा घायल हो गए।

सोमवार 23 जून को टिहरी गढ़वाल में भी एक हादसा रिकॉर्ड किया गया। दरअसल, ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर 30 सवारियों से भरी बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। जिस कारण बस सड़क पर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 2 लोग घायल गए। दोनों घायलों का नजदीकी अस्पताल में इलाज जारी है।

23 जून को देहरादून में भी सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा मेंहूवाला में हुआ। जहांकार और ई रिक्शा की आमने सामने की टक्कर हो गई। टक्कर में ई रिक्शा सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि 3 लोग घायल हो गए।

देहरादून में क्लेमेंटाउन क्षेत्र में 22 जून को एक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। घटना के तहत, तेज रफ्तार कार एक सीमेंट से लदे ट्राले में पीछे से जा घुसी। इस हादसे में कार सवार 4 लोगों की मौत हो गई। जबकि एक शख्स गंभीर रूप से घायल है। कार सवार सभी लोग हरियाणा के रहने वाले हैं।

टनकपुर पूर्णागिरि मार्ग पर 22 जून को घटे एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा तब हुआ जबि तेज रफ्तार मैक्स ने खड़ी कार को टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...