चीन में फैला जानलेवा कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में फैल गया है। भारत में भी इसके 30 मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड के लोगों में तरह-तरह के सवाल हैं। कुछ अफवाहें भी तैर रही हैं। राज्य के लोगों में खासतौर से विदेशियों को लेकर डर देखा जा रहा है लेकिन सरकार ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय समेत राज्य की अलग-अलग एजेंसियों द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आइए समझते हैं कि कोरोना वायरस से खुद को कैसे बचाया जा सकता है।
उत्तराखंड के लोगों को कैसी टेंशन
दरअसल, राज्य में घूमने और तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग आते रहते हैं। इस समय भी बड़ी संख्या में पर्यटक होटलों और तमाम जगहों पर मौजूद हैं। ऐसे में रुद्रपुर में एक होटल में ठहरे ताइवान के नागरिकों में कोरोना वायरस की आशंका से हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की तो पाया कि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे।
उधर, कुछ कंपनियों ने एहतियात के तौर पर विदेशी नागरिकों को लेकर अपने सभी कार्यक्रम फिलहाल के लिए स्थगित कर दिए हैं। आपको बता दें कि चीन, ईरान, दक्षिण कोरिया, इटली समेत दुनिया के कई देश कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऐसे में इन देशों से आने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है। कुछ देशों के नागरिकों की यात्राओं पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
कोरोना से सुरक्षा के लिए क्या करना है
- अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें
- साबुन से लगातार हाथ धोते रहें
- छींकने और खांसने के दौरान अपना मुंह ढंकें
- जब आपके हाथ गंदे दिखें तब अपने हाथों को साबुन और बहते पानी से धोएं
- जब आपके हाथ स्पष्ट रूप से गंदे न हों तब भी अपने हाथों को अल्कोहल आधारित हैंड वॉश या साबुन और पानी से साफ करें
- प्रयोग के तुरंत बाद टिशू को किसी बंद डिब्बे में फेंक दें
- अस्वस्थ महसूस करने पर डॉक्टर से मिलें
आपको बता दें कि आमतौर पर इसके संक्रमण पर सर्दी, जुकाम जैसा हो जाता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति से बचने के लिए 6 फीट दूर रहें और कुछ समय के लिए हाथ मिलाना छोड़कर दूर से नमस्ते कहें।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि राज्य में कोरोना का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है। एक प्राइवेट अस्पताल में कोरोना के मरीज भर्ती होने का पत्र वायरल हो रहा था, जो फर्जी निकला।


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