राजधानी बनने से गैरसैंण में बढ़ेगी आबादी, CM रावत ने चौरड़ा झील का किया निरीक्षण

राजधानी बनने से गैरसैंण में बढ़ेगी आबादी, CM रावत ने चौरड़ा झील का किया निरीक्षण

ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद गैरसैंण एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में सम्भावित आबादी बढ़ने के अनुरूप पेयजल की व्यवस्था की जानी है। रामगंगा पर जो चौरड़ा झील बनाई जा रही है, 2070 तक 31 हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को गैरसैंण में पेशावर कांड के नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आज ही गैरसैंण में बनने वाली चौरड़ा झील का भी स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैरसैंण में पेयजल की व्यवस्थाओं के लिए सुनियोजित प्लानिंग की जाए।

ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद गैरसैंण एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में सम्भावित आबादी बढ़ने के अनुरूप पेयजल की व्यवस्था की जानी है। रामगंगा पर जो चौरड़ा झील बनाई जा रही है, 2070 तक 31 हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रामगंगा पर बनने वाले बांध का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाए कि भविष्य में इससे पेयजल की क्षमता में और वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस झील का निर्माण पूर्ण होने से गैरसैंण, भराड़ीसैंण एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों में पूर्ण ग्रेविटी का जल उपलब्ध होगा। गैरसैंण में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो, इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को अन्य विकल्प भी तलाशने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बांध की टेंडर प्रक्रिया अप्रैल 2020 में की जाएगी। उसके बाद जल्द कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर विधायक सुरेन्द्र सिंह नेगी, श्रीमती मुन्नी देवी शाह, राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष रिपुदमन सिंह रावत, सचिव पेयजल डॉ. भूपेन्द्र कौर औलख, जिलाधिकारी चमोली श्रीमती स्वाति भदोरिया एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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