कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है तो ऐसी स्थिति में लोगों के लिए कई तरह के राहत की भी घोषणाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने लोन लेने वाले ग्राहकों को बड़ी राहत दी। दरअसल, केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ अन्य वित्तीय संस्थानों को टर्म लोन की किस्त तीन महीने तक टालने को कहा है।
इससे उन रोजगार-पेशा लोगों को काफी राहत मिलेगी जिनका कामकाज इन 21 दिनों में प्रभावित होगा। आरबीआई ने अपने बयान में कहा, ‘सभी कॉमर्शियल, क्षेत्रीय, ग्रामीण, एनबीएफसी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों को किस्त के भुगतान पर 3 महीने का मोरैटोरियम देने की अनुमति दी जाती है। यह उन सभी लोन के लिए प्रभावी होगी जिनकी ईएमआई 31 मार्च को जानी है।’
आरबीआई की इस घोषणा को अगर हम सरल शब्दों में समझने की कोशिश करें तो वह इस प्रकार से हैं। जैसे किसी व्यक्ति ने होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया है। वह तीन महीने तक ईएमआई देने की स्थिति में नहीं है। आज भारतीय रिजर्व बैंक ने जो व्यवस्था की है उसके अनुसार, 3 महीने तक ईएमआई आप नहीं देते हैं तो आपके ऊपर कोई पेनाल्टी नहीं लगेगी और न ही इससे आपका सिबिल स्कोर ही प्रभावित होगा।
लोगों को एक बात ध्यान में रखने की जरूरत है कि इस वजह से लोन चुकाने की अवधि तीन महीने आगे के लिए बढ़ जाएगी। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक के इस कदम से लाखों लोगों को ईएमआई में बड़ी राहत मिलेगी। खास तौर से उन लोगों को जिनका अपना कारोबार है और कोरोना के प्रकोप की वजह से लॉकडाउन के कारण कमाई अनिश्चित हो गई है।


1 Comment