क्या यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड के 6 जिले भी होंगे सील?

क्या यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड के 6 जिले भी होंगे सील?

उत्तराखंड के 6 जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पौड़ी में ही कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और चमोली में कोरोना को कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है।

लॉकडाउन के बावजूद उत्तराखंड के कई इलाकों में कोरोना संदिग्धों की संख्या बढ़ रही है। राज्य में 35 लोग कोरोना पॉजिटिव हैं, जबकि 176 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में आइसोलेशन में रखा गया है। वहीं 45812 लोगों को उनके घरों अथवा दूसरे संस्थानों में क्वारेंटाइन किया गया है। उत्तराखंड में सबसे ज्यादा 18 मामले देहरादून से सामने आए हैं। इसे कोरोना हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार दूसरे राज्यों की तर्ज पर कोरोना पॉजिटिव केस वाले छह जिलों को पूरी तरह सील करने जैसा फैसला ले सकती है। सूत्रों की मानें तो शीर्ष स्तर पर इस फैसले को लेकर मंत्रणा हुई है। राज्य सरकार अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। अगर अगले कुछ दिन में कोरोना के मामले बढ़ते हैं, तो सरकार इस संबंध में फैसला ले सकती है।

दरअसल, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सरकारों ने सख्त कदम उठाया है। बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जिलों में चिन्हित हॉट स्पॉट को 14 अप्रैल तक और दिल्ली सरकार ने राजधानी के 21 हॉट स्पॉट को अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया। दोनों ही राज्यों के इन इलाकों में कोई घर से बाहर तक नहीं निकल सकता है। इस दौरान यहां कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध रहेंगे। उधर, मध्य प्रदेश सरकार ने भी तीन जिलों इंदौर, भोपाल और उज्जैन की सीमाएं सील कर दी हैं।

उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पौड़ी में ही कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और चमोली में कोरोना को कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला है।

किन जिलों में कितने पॉजिटिव

 

अल्मोड़ा – 01
देहरादून – 18
हरिद्वार – 03
नैनीताल – 08
पौड़ी – 01
उधमसिंहनगर – 04

दरअसल, इन छह जिलों में लॉकडाउन के बावजूद कोरोना के संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में शुरुआती दौर में कोरोना के मामले काफी कम थे, लेकिन तबलीगी जमात के मरकज से लौटे लोगों में संक्रमण के चलते स्थिति बिगड़ गई और तेजी से कोरोना वायरस उनके संपर्क में आने वाले लोगों में भी फैला।

 प्रभावित जिलों में अब तक सील किए गए इलाके

 

देहरादून : भगत सिंह कॉलोनी, कारगी ग्रांट, डोईवाला केशव बस्ती, झबरावाला, लक्खीबाग
हरिद्वार : रुड़की में पनियाला कलियर, मंगलौर का मलकपुर मोहल्ला
नैनीताल : हल्द्वानी में लाइन नंबर 16 व 17, नई बस्ती, मलिक का बगीचा
अल्मोड़ा : रानीखेत में कुरेशियन मोहल्ला
ऊधमसिंह नगर : गुज्जर खत्ता

यह भी देखें – उत्तराखंड में 14 अप्रैल के बाद भी बढ़ेगा लॉकडाउन! मंत्री-विधायकों का वेतन 30 फीसदी कटेगा

यूपी का नियम, छह केस मिलने पर इलाका होगा सील

 

उत्तर प्रदेश के पंद्रह जिलों में उन क्षेत्रों को हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां छह या उससे अधिक संक्रमित मरीज मिले हैं। दरअसल, यूपी में यह आंकड़ा नहीं है कि प्रदेश में कुल कितने हॉट स्पॉट हैं? यहां जिला प्रशासन को कोरोना के मरीजों की संख्या के आधार पर तय करने का अधिकार दिया गया है। पंद्रह जिलों के अलावा किसी अन्य जिले में मरीजों की संख्या छह या उससे अधिक मिलती है तो इसी व्यवस्था के अनुसार संबंधित डीएम अपने जिले के हॉट स्पॉट चिन्हित कर सील की कार्यवाही अमल में ला सकता है।

क्या होती है सीलिंग की कार्रवाई

 

सीलिंग यानी पूर्ण लॉकडाउन वाले इलाकों में ज्यादा सख्ती बरती जाती है। पूर्ण लॉकडाउन को लेकर राज्यों में अलग- अलग व्यवस्थाएं हो सकती हैं। इसका निर्धारण स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए किया जा सकता है। सीलिंग के बाद इमरजेंसी के अतिरिक्त किसी हाल में घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। निजी वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जरूरी चीजों की घरों पर ही आपूर्ति कराई जाएगी। सील क्षेत्र के प्रत्येक घर की सूची बनाकर सघन जांच की जाएगी और हर घर को सैनिटाइज कराया जाएगा।

3 comments
Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

3 Comments

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this