3 महीने सरकार देगी पीएफ का योगदान, उत्तराखंड के 74 हजार कामगारों को फायदा

3 महीने सरकार देगी पीएफ का योगदान, उत्तराखंड के 74 हजार कामगारों को फायदा

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण इस मुश्किल घड़ी में लोगों को पीएफ के पैसे से काफी मदद मिल रही है। ऐसे में सरकार ने भी 3 महीने तक कंपनियों और कामगारों का हिस्सा खुद वहन करने का फैसला किया है। उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोग पीएफ के पैसे के लिए आवेदन भी कर रहे हैं।

लॉकडाउन से बने हालात को देखते हुए सरकार ने कंपनियों या नियोक्ताओं का बोझ कम करते हुए तीन माह तक पीएफ कटौती खुद से देने का फैसला किया है। दरअसल, जिन कंपनियों और प्रतिष्ठानों में कामगारों की संख्या 100 से कम है और वहां के 90 प्रतिशत स्टाफ को 15 हजार रुपये महीने से कम वेतन मिलता है तो उन नियोक्ताओं का बोझ सरकार उठाएगी। तीन माह के वेतन में की जाने वाली पीएफ कटौती को सरकार वहन करेगी। खास बात यह है कि इसमें नियोक्ता और कामगार दोनों का हिस्सा शामिल होगा। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है कि सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड में कितने लोगों को लाभ होगा।

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लॉकडाउन चल रहा है और ज्यादातर संस्थान बंद करने पड़े हैं। उत्तराखंड में 74 हजार से अधिक कामगारों को इसका लाभ मिलेगा। तीन महीने तक किसी भी कर्मी के वेतन से कटौती नहीं की जाएगी और न ही सेवा समाप्त की जाएगी।

अब सरकार ने छोटे प्रतिष्ठानों का बोझ भी हल्का करने का काम किया है। सरकार के आदेश के अनुसार प्रदेश में 100 कामगारों से कम और 90 प्रतिशत लोगों का वेतन 15 हजार रुपये महीने से कम होने के दायरे में 2697 प्रतिष्ठान आ रहे हैं। इन संस्थानों में 74 हजार 769 लोग काम करते हैं। लिहाजा, इन सभी पीएफ सदस्यों को अप्रैल, मई व जून माह के वेतन में मिलने वाले पीएफ का भुगतान सरकार करेगी।

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आपको बता दें कि मुश्किल की इस घड़ी में पीएफ का पैसा कामगारों के काफी काम आ रहा है। सरकार भी इस चीज को समझ रही है। ऐसे में सरकार ने कहा है कि कोई भी कामगार पीएफ खाते में जमा राशि का 75 प्रतिशत तक या मूल वेतन व महंगाई भत्ते के बराबर की राशि दोनों में जो भी कम हो, उसे निकाल सकता है।

बाद में देखा यह गया कि इस सुविधा के तहत खाते में जमा 75 प्रतिशत तक की राशि के तहत अब तक ईपीएफओ को 727 आवेदन प्राप्त हुए हैं। संबंधित पीएफ सदस्यों को 1.13 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। तीन माह के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के बराबर की राशि के हिसाब से 205 दावे आए हैं। संबंधित कर्मचारियों को 0.31 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

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