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लॉकडाउन बढ़ने से पहले उत्तराखंड के अंदर फंसे लोगों को मिल सकती है एक दिन की छूट!

कोरोना संक्रमण के चलते उत्तराखंड में लॉकडाउन की अवधि बढ़ने के संकेतों के बीच राज्य के अंदर दूसरे जिलों में फंसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने से पहले ऐसे लोगों को अंतरजनपदीय यात्रा के लिए छूट दे सकती है। सरकार के सूत्रों की मानें तो एक दिन की अंतरजनपदीय छूट पर गंभीरता से विचार चल रहा है। लॉकडाउन आगे बढ़ने पर सरकार उन लोगों को अपने घरों तक जाने का मौका देगी, जो 22 मार्च को लॉकडाउन घोषित होने के बाद दूसरे जिलों में फंसे हुए हैं।

14 अप्रैल को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की अवधि पूरी हो रही है। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बाद केंद्र सरकार लॉकडाउन बढ़ा सकती है। ओडिशा सरकार ने तो अपने यहां लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। उत्तराखंड समेत कई राज्यों से इसी तरह की सिफारिश केंद्र को भेजी गई है। ऐसे में लॉकडाउन का अगला चरण शुरू करने से पहले उत्तराखंड में एक दिन की छूट मिल सकती है। माना जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार 14 या 15 अप्रैल को अंतरजनपदीय यात्रा की अनुमित दे सकती है। हालांकि इस बीच, राज्य की यूपी से लगी सीमाओं को पूरी तरह से सील करने की कार्रवाई की जा रही है। ताकि बाहर से कोई भी संदिग्ध कोरोना संक्रमित राज्य में न आ पाए। सीमा चौकियों पर निगरानी सख्त की जा रही है। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के 35 पॉजिटिव केस सामने आए हैं, इनमें से 28 लोग तबलीगी जमात से जुड़े हैं। मैदानी इलाकों को छोड़ दें तो पहाड़ी जिलों में कोरोना के संक्रमण के मामले लगभग नगण्य हैं, या एक या दो केस सामने आए हैं। यह भी सरकार की ओर से छूट देने की संभावनाओं को बढ़ाता है। राज्य में रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर में कोरोना का कोई भी मामला नहीं है। पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में भी एक-एक ही मामला सामने आया है।

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इससे पहले, उत्तराखंड सरकार ने 28 मार्च को जारी आदेश में कहा था कि राज्य में कई ऐसे लोग अभी फंसे हुए हैं जिन्हें मेडिकल या अन्य आवश्यक कारण से अपने घरों तक जाना है, उनकी सहूलियत के लिए मंगलवार 31 मार्च को सुबह 7 बजे से रात के 8 बजे तक इंटर डिस्ट्रिक्ट (राज्य के भीतर) परिवहन सुविधा खुली रहेगी। लोग उक्त समय पर रोडवेज/GMOU/KMOU/TGMO/मैक्स कैब, निजी 4 व्हीलर, 2 व्हीलर का इस्तेमाल राज्य की सीमा के भीतर कर सकते हैं। हालांकि उत्तराखंड में 31 मार्च को अंतरराज्यीय परिवहन के लिए दी गई 13 घंटे की छूट का आदेश 29 मार्च को रद्द कर दिया गया था। केंद्रीय गृहमंत्रालय द्वारा राज्यों को लॉकडाउन का पालन हर तरह से सुनिश्चित कराने के कड़े आदेश के बाद राज्य सरकार ने अपने छूट के फैसले को वापस ले लिया था। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस फैसले को वापस लिए जाने के बाद लोगों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी थी।

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राज्य सरकार उठा रही प्रभावी कदमः त्रिवेंद्र सिंह

 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिये बताया कि उत्तराखंड में अभी तक कोरोना वायरस (COVID-19) के कुल 35 केस हैं। इनमें से 28 केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। प्रदेश में इसे हर स्तर पर रोकने के लिए भारत सरकार की मदद से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। आज की तारीख में प्रदेश में 837 आईसोलेशन बैड हैं। इसके अलावा कोरोना संदिग्धों के लिए 1833 बैड, 473 आईसीयू, 257 वैंटिलेटर, 8695 पीपीई किट, 30375 N95 मास्क, 5902 वीटीएम किट सुविधा मौजूद है। इसके अतिरिक्त गैर-सरकारी अस्पताल में भी सुविधा उपलब्ध है। उपरोक्त इंफ्रास्ट्रक्चर को बढाने का भी प्रयास किया जा रहा है। कोरोना वायरस (COVID-19) के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग, टैक्निशियन संवर्ग विभिन्न 347 पदों पर नियुक्ति की जा रही है। कोरोना संबंधित हॉस्पिटल्स में टेस्टिंग लैब्स की स्थापना की कार्यवाही तेजी से की जा रही है।

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