मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कर्फ्यू लगाने के आदेश दे दिए हैं। जी हां, बनभूलपुरा क्षेत्र में ही रविवार को पहुंची मेडिकल टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मेडिकल टीम का न सिर्फ रास्ता रोक दिया बल्कि उन्हें मोहल्ले से बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया गया। ऐसे में घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और सचिव (गृह) को इलाके में कर्फ्यू लगाने के निर्देश दे दिए हैं।
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम ने कहा कि हमें किसी भी हालात में स्थिति को नियंत्रण में रखना है इसलिए हमने शुरू में कहा था कि जो भी सख्त कदम उठाने पड़ेंगे हम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कल (रविवार को) जिस तरह से हजारों की भीड़ सामने आई और आज हमने पूरी रिपोर्ट ली तो हमें हालात को नियंत्रित करने के लिए कर्फ्यू लगाना पड़ा।
100 घंटे में कोई नया केस नहीं
सीएम रावत ने आगे बताया कि पिछले 100 घंटों में कोई नया केस सामने नहीं आया है और 7 लोग ठीक होकर घर चले गए हैं। 2-3 लोग भी जल्द ठीक हो जाएंगे। स्थिति नियंत्रण में है लेकिन भविष्य में आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। कई बार एक-एक महीने के बाद लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि अपना चेहरा जरूर ढके रहे, जिससे नाक और मुंह ढका हो। मास्क जरूरी नहीं है।
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इलाके में 10 जमातियों में कोरोना पॉजिटिव
हल्द्वानी के जिस बनभूलपुरा में मेडिकल टीम को कोरोना की जांच से रोका गया, वह एक घनी आबादी वाली बस्ती है। बताते हैं कि टीम जैसे ही लोगों का सैंपल लेने के लिए पहुंची तो उसका विरोध शुरू हो गया। कुछ लोगों ने से छतों से पुलिसकर्मियों पर पथराव की भी कोशिश की। चिंता की बात यह है कि इस इलाके में 10 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सभी को हॉस्पिटल में आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है फिर भी लोग जांच नहीं होने देना चाहते।
दरअसल, 10 कोरोना पॉजिटिव के कारण ही इलाके में लोगों की जांच करना अब आवश्यक हो गया है वरना यह संक्रमण कई लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। रविवार को पुलिस और चिकित्सा टीम को बनभूलपुरा मोहल्ले से बाहर निकालने के बाद एक हजार लोग मुख्य मार्ग पर आ गए और किसी को भी मोहल्ले में नहीं घुसने दे रहे थे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
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डेढ़ लाख है इलाके की आबादी
आपको बता दें कि नैनीताल की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी बनभूलपुरा में रहती है। इस क्षेत्र में सभी संक्रमित लोग जमाती हैं। प्रशासन ने इस इलाके को 8 अप्रैल को सील कर दिया था। पुलिस के मुताबिक इस इलाके की जनसंख्या करीब डेढ़ लाख है।
ऐसे हालात में और लोगों को कोराना संक्रमण न हो, इसके लिए मेडिकल टीम का जांच करना आवश्यक है। जागरूक लोगों ने तो टेस्ट में सहयोग दिया था लेकिन रविवार को हालात बिगड़ गए।


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