Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ उत्तरकाशी कोरोना के खिलाफ उत्तराखंड की लड़ाई में ‘उत्तरकाशी मॉडल’ बेहतरीन
उत्तरकाशीउत्तराखंड न्यूज़

कोरोना के खिलाफ उत्तराखंड की लड़ाई में ‘उत्तरकाशी मॉडल’ बेहतरीन

वैसे तो पूरे उत्तराखंड में कोरोना वायरस को सीमित रखने में काफी हद तक सफलता मिली है लेकिन उत्तरकाशी जिले की खूब चर्चा हो रही है। जी हां, ‘उत्तरकाशी मॉडल’ की शासन स्तर से सराहना भी हुई है। क्वारंटीन, सैंपलिग, बुनियादी ढांचा हो लॉजिस्टिक, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, प्रशिक्षण, क्यूआरटी, बीआरटी आदि मानकों को लेकर जनपद में चल रहे अभियान को शानदार माना गया है। राज्य सरकार ने 50 में से 49 नंबर उत्तरकाशी जिले को दिए हैं।

भारत के 718 जिलों में से 325 जिले ऐसे पाए गए हैं, जहां कोरोना का संक्रमण घुसपैठ नहीं कर पाया है। इन कोरोना फ्री जिलों में उत्तराखंड के भी सात जिले शामिल हैं- जिनमें उत्तरकाशी शामिल हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग, टिहरी, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत ग्रीन जोन में हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में कोरोना के अब तक 37 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 9 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी भी दी जा चुकी है।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की मानें तो जिले में 5600 से अधिक व्यक्तियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। 4,452 ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें होम क्वारंटीन में 14 दिन हो चुके हैं। उन्हें फिर से एहतियात के रूप में 14 दिन के लिए निगरानी में रखा गया है। संदिग्ध होने की आशंका पर संबंधित व्यक्तियों को कोरोना जांच तक आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है।

पढ़ें: उत्तराखंड के पौड़ी और सात जिलों के लिए केंद्र से ‘खुशखबरी’

जिले में होम क्वारंटीन की हर दिन रिपोर्ट ली जा रही है। जो लोग होम क्वारंटीन में लापरवाही करते दिखते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार के आकलन में उत्तरकाशी की परफॉर्मेंस अच्छी है। इसके अलावा क्वारंटीन किए जा रहे व्यक्तियों भी कोरोना जांच की जा रही है। जनपद उत्तरकाशी में अभी तक 117 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए गए हैं।

104 की रिपोर्ट आ चुकी हैं। ये सभी निगेटिव हैं। जनपद की सीमाओं को सील किया गया है। केवल आवश्यक सामग्री के वाहन प्रवेश कर रहे हैं, उन वाहनों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। जो भी व्यक्ति अन्य जिलों से किसी खास परिस्थिति में आ रहा है तो उसे भी क्वारंटीन किया जा रहा है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Related Articles