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भारत के जांबाज शहीदों की आत्मा की शांति के लिए गंगोत्री धाम में विशेष पूजा

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद पूरे देश में गम और गुस्सा है। लोग चीनी सामानों के बहिष्कार का अभियान चला रहे हैं। जगह-जगह चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतले फूंके गए। इसके साथ ही भारत मां के वीर सपूतों को याद करते हुए श्रद्धांजलि के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम में समस्त पुरोहितों ने शहीदों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए पूजा और प्रार्थना की। गंगा घाट पर तीर्थ पुरोहितों ने मां गंगा से प्रार्थना की कि शहीदों के परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

पं० अशोक सेमवाल, वरिष्ठ पुजारी (पू० अध्यक्ष मंदिरसमिति गंगोत्री धाम) ने ‘हिल मेल’ से बातचीत में बताया कि अरुण सेमवाल, उपाध्यक्ष, मंदिर समिति गंगोत्री, कामेश्वर प्रसाद सेमवाल, पुरोहित गंगोत्री, राकेश सेमवाल सदस्य मंदिर समिति गंगोत्री और द्रोणाश्चल सेमवाल, पुजारी गंगोत्री मंदिर ने मिलकर शहीदों के लिए प्रार्थना और विशेष पूजा की।

इन पुरोहितों ने भारत सरकार से भी मांग की है कि वीर जवानों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए और चीन से इसका बदला लिया जाए। गंगोत्री मंदिर समिति की ओर से शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए के लिए 108 दीपक जलाकर श्रद्धांजलि दी जाएगी।

उधर, देहरादून में कारगी एवं पथरी बाग चौक पर शहीद हुए सैनिकों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यहां शी जिनपिंग मुर्दाबाद, भारतीय सेना जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लोगों ने संकल्प लिया कि वे चीनी सामानों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। देहरादून में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने प्रेमनगर से मोहनपुर तक कैंडल मार्च निकालकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही लोगों से अपील की कि कोई भी चीनी उत्पाद न खरीदें।

आपको बता दें कि 15 जून की रात में चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय जवानों पर हमला कर दिया था। इस दौरान 20 सैनिक शहीद हो गए और चीन के करीब 40 सैनिक शहीद हुए हैं। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो टूक कहा है कि कोई भ्रम में न रहे, उकसाने पर करारा जवाब दिया जाएगा।

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Hill Mail

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