आखिरकार उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई। हालांकि अभी राज्य के लोगों के लिए बुधवार से यात्रा शुरू हुई। पहले दिन 422 लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया। एक सरकारी बयान के अनुसार, उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर पहले दिन बदरीनाथ धाम के लिए 154, केदारनाथ धाम के लिए 165, गंगोत्री के लिए 55 और यमुनोत्री धाम के लिए 48 लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया।
बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमन रविनाथन ने बताया कि बदरीनाथ एवं केदारनाथ धाम में थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन, मास्क आदि की व्यवस्था कर दी गई है। श्रद्धालुओं को कुछ नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर में मूर्तियों को छूने और प्रसाद वितरण पर रोक है। घंटियों को भी कपड़े से ढका गया है। यात्रियों को मंदिर के आसपास और रास्ते में हर जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
#Uttarakhand में स्थानीय लोगों के लिए आज से शुरू हुई चारधाम यात्रा| पहले दिन 422 ई-पास जारी किए गए| बदरीनाथ के लिए 154, केदारनाथ के लिए 165, गंगोत्री के 55 और यमुनोत्री के लिए जारी किए गए 48 पास|@PIBHindi @tsrawatbjp @tourismgoi @MinOfCultureGoI pic.twitter.com/CIY4uQeGYe
— PIB in Uttarakhand (@PIBDehradun) July 1, 2020
बदरीनाथ धाम एवं केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी तथा सोन प्रयाग में यात्री विश्राम गृहों को यात्रियों के आवासीय प्रयोजन के लिए खोला जा चुका है। रमन ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थयात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह ने बताया कि बोर्ड ने आवश्यकतानुसार स्टाफ की भी तैनाती की है तथा व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पोर्टल प्रभारी संजय चमोली के अनुसार, ई-पास के लिए श्रद्धालुओं द्वारा लगातार संपर्क किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार के नियंत्रण वाले चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने 29 जून को राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दी थी।


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