उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों में प्राकृतिक घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में 11 लोग लापता थे, अब तक पांच लोगों के शव मिले हैं। गुजरते समय के साथ उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं। बंगापानी तहसील के टांगा गांव में सोमवार सुबह आसमानी आफत को दो दिन से ज्यादा हो चुके हैं। रेस्क्यू टीम लगातार काम कर रही है लेकिन केवल पांच लोगों के शव ही निकाल पाई है।
तीन मृतकों की शिनाख्त हो गई है, जबकि दो शव अभी पूरी तरह बाहर नहीं आ पाने के कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। अभी छह और लोग लापता हैं। आपको बता दें कि बंगापानी तहसील के टांगा गांव में सोमवार तड़के भारी बारिश और भूस्खलन ने तीन मकानों को अपनी चपेट में ले लिया था। इसके बाद से इस गांव के 11 लोग लापता चल रहे थे।
एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर लगातार सर्च अभियान चला रही है। मंगलवार को घटना के 28 घंटे बाद मलबे में दबे दो शव रेस्क्यू टीम ने निकालने में सफलता हासिल की। इसके 6 घंटे बाद सर्च टीम को मलबे में दबा एक और शव मिला। इसके बाद फिर दो और शवों के होने का पता चला है। हालांकि वे दोनों शव अभी पूरी तरह बाहर नहीं आ पाए हैं।
आपदा के बाद मंगलवार को डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे और एसपी प्रीति प्रियदर्शिनी मौके पर पहुंचे थे।उन्होंने बचाव राहत कार्यों का जायजा लिया। डीएम ने गांव के आपदा प्रभावितों के लिए टेंट में व्यवस्था कराई है। इनमें 26 से ज्यादा परिवारों को फिलहाल आपदा के खतरे को देखते हुए शिफ्ट कराया गया है।
तीन शवों की शिनाख्त हुई है उसमें एक माधव सिंह (70), गणेश सिंह (40), हीरा देवी (30) बताए जा रहे हैं। आपको बता दें कि हाल की बारिश में बिजली गिरी, भूस्खलन, बादल फटने जैसी कई घटनाएं उत्तराखंड में घटी हैं।



1 Comment