त्रिवेंद्र सिंह सरकार ने चारधाम यात्रा को देशभर के श्रद्धालुओं को खोलने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। चारधाम जाने वाले यात्रियों के लिए इसके लिए देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। इसके बाद बोर्ड की ओर से पास जारी होंगे। यात्रियों को 72 घंटे के भीतर कराई गई कोरोना जांच की रिपोर्ट देनी होगी। अगर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है तो श्रद्धालु को गाइडलाइन के अनुरूप क्वारंटाइन होना होगा। इसके साथ ही क्वारंटाइन सेंटर से अवधि पूरी करने का प्रमाणपत्र भी देना होगा। श्रद्धालुओं को अपना पहचानपत्र भी देना होगा। साथ राज्य में प्रवेश करने के बाद अपना वास्तवकि पहचान पत्र साथ रखना होगा।
धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के संबंध में निर्णय लेने का जिम्मा उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को सौंप दिया था। इसमें उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को यात्रा करने की इजाजत दे दी गई थी। पहले चरण में देवस्थानम बोर्ड ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों को दर्शन की इजाजत दी। एक जुलाई से राज्यवासियों को पंजीकरण के जरिये चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा इजाजत दे दी गई। इसमें कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क का अनुपालन किया जा रहा है।


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