Home बकीबात अनिल बलूनी, प्रियंका गांधी… चाय-पानी, झंगोरे की खीर और कचमोली की एंट्री!
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अनिल बलूनी, प्रियंका गांधी… चाय-पानी, झंगोरे की खीर और कचमोली की एंट्री!

प्रियंका गांधी सरकारी आवास खाली कर रही हैं। एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद प्रियंका इस आवास की पात्रता नहीं रखती हैं। अब उनका आवास उत्तराखंड के चर्चित नेता और बीजेपी सांसद अनिल बलूनी को मिला है। दोनों के बीच न्योते को लेकर क्या संवाद हुआ। पढ़िए आगे...

सियासी लोगों के चाय-पानी में भी अलग बात होती है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी का बंगला 35, लोदी स्टेट राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को आवंटित हुआ है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रियंका इस बंगले को 31 जुलाई को खाली करने वाली हैं। ऐसे में उन्होंने शायद घर से रूबरू कराने के लिए विरोधी पार्टी भाजपा के नेता अनिल बलूनी को चाय पर आमंत्रित किया। चाय के न्योते का धन्यवाद देते हुए बलूनी ने उन्हें उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन खिलाने का न्योता दे डाला।

सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों और आम लोगों ने भी खूब चटकारे लिए। दरअसल, राज्यसभा सांसद ने प्रियंका को भेजी चिट्ठी में उत्तराखंडी व्यंजन जैसे मंडुवे की रोटी, झंगोरे का रायता, भट्ट की चुठकनी का जिक्र किया है। वरिष्ठ पत्रकार विकास भदौरिया ने यह बात सोशल मीडिया पर शेयर की तो वरिष्ठ पत्रकार संजय बरागटा ने लिखा, ‘कचमोली नहीं है क्या?’

एक यूजर ने तो यह भी पूछ लिया कि झंगोरे की खीर किस चीज से बनती है तो दूसरे यूजर ने बताया कि झंगोरे से, यह पहाड़ी अनाज है। हालांकि कुछ लोगों ने चाय-खाने के न्योतों का यह कहकर स्वागत भी किया कि विरोध विचारों से हो सकता है, व्यक्तित्व से नहीं। बहुत अच्छा है।

अब जानिए प्रियंका ने ट्विटर पर क्या लिखा…

बलूनी की चिट्ठी में क्या था…

अनिल बलूनी ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘प्रियंका गांधी वाड्रा जी, आपका पत्र मिला, आभारी हूं। शायद आपको संज्ञान में नहीं होगा कि मैं कैंसर के उपचार के बाद दिल्ली लौटा हूं और चिकित्सकों का मानना है कि अभी मुझे कुछ और समय घर पर ही आइसोलेशन में रहना चाहिए।’ वह आगे लिखते हैं, ‘आपने मुझे चाय पर आमंत्रित किया, इसके लिए आपका धन्यवाद। मैं 35 लोदी एस्टेट जाने के उपरांत आपको सपरिवार भोजन पर आमंत्रित करता हूं, जिससे आपको मेरे उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन मंडुवे की रोटी, झंगोरे की खीर, पहाड़ी रायता, भट्ट की चुठकनी का रसास्वादन मिलेगा, आपका पुनः आभार आपने मुझे आमंत्रित किया।’

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Hill Mail

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