नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से पास आउट ले. जनरल सिंह भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट में 9 मराठा लाइट इंफेंट्री में कमीशन हुए। उन्हें काउंटर इनसर्जेंसी का भी विशेषज्ञ माना जाता है।
लद्दाख में भारत-चीन सीमा विवाद पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ले. जनरल सिंह कई अहम पदों पर तैनात रहे हैं। वह कश्मीर में एक माउंटेन डिवीजन कमांड कर चुके हैं।
आइएमए कमांडेंट का पद संभालने से पहले वह लेह में 14वीं कोर के कमांडर थे। मिलिट्री ऑपरेशस और ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स डायरक्टरेट में भी वह तैनात रहे हैं। इसके अलावा डायरेक्टरेट ऑफ इंडियन आर्मी वेटरन्स की स्थापना में भी उनका अहम योगदान रहा। अफ्रीका में यूनाइटेड मिशन के साथ भी तैनात रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह आइएमए व इंफेंट्री स्कूल मऊ में इंस्ट्रक्टर रह चुके हैं। साथ ही सैन्य सेवा के दौरान आइडीएसए, नई दिल्ली व एस राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, सिंगापुर में रिसर्च फेलो और एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज, हवाई में ग्रेजुएट फेलो भी वह रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से पहले उत्तराखंड के रहने वाले ले. जनरल जयवीर सिंह नेगी आईएमए के कमांडेट थे वह 30 सिंतबर को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद से डिप्टी कमांडेंट मेजर जनरल जेएस मंगत कार्यकारी कमांडेंट के तौर पर पदभार संभाल रहे थे।



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