Sunday , 6 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ चमोली चमोली आपदा में लापता और सुरंग में फंसे लोग कब तक निकाले जाएंगे? CM रावत ने लोगों को किया आश्वस्त
चमोलीउत्तराखंड न्यूज़

चमोली आपदा में लापता और सुरंग में फंसे लोग कब तक निकाले जाएंगे? CM रावत ने लोगों को किया आश्वस्त

चमोली आपदा में अब तक 50 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश के मुखिया सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश और देशवासियों को आश्वस्त किया है कि सुरंग में फंसे लोगों और लापता लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में 7 फरवरी की उस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही बचाव अभियान के तमाम बिंदुओं को सामने रखा।

उस दिन जब सीएम को खबर मिली…

सीएम रावत ने बताया, ‘मैं एक कार्यक्रम में जा रहा था, गाड़ी से उतरा और मोबाइल देखा तो चमोली आपदा की खबर मिली। कार्यक्रम स्थल पर मैंने फौरन जिलाधिकारी से संपर्क किया। अपने सचिव से बात की कि फौरन हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कीजिए मैं पुलिस लाइन पहुंच रहा हूं। जितना जल्दी हो सका, मैं घटनास्थल पर पहुंच गया। मैं कह सकता हूं कि हमने एक मिनट भी बेकार नहीं जाने दिया।’

 

उन्होंने कहा कि चमोली आपदा हो, उत्तरकाशी की आपदा हो या देहरादून में जब 2010 में आपदा आई थी… अनुभव यह बताता है कि जितनी जल्दी हो सके हम दुर्घटनास्थल पर पहुंच सकें तो कई लोगों की जान बचा सकते हैं। जब हम वहां जाते हैं तो घायलों, परिजनों, कर्मचारियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है। उनकी आशाएं बढ़ती हैं। वैसे, मेरे पहुंचने से पहले सेना और आईटीबीपी ने काम संभाल लिया था।

पहला फैसला क्या था

पहला स्टेप यह था कि जो पानी ऊपर से चला है वह आगे नुकसान न पहुंचा सके। सीएम रावत ने कहा कि संचार की सुविधाएं जैसे सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या साउंड सिस्टम से लोगों को जानकारी दी गई। साढ़े 10 बजे घटना हुई और साढ़े 11 बजे तक संभावित क्षेत्र तक कर्फ्यू जैसी स्थिति हो गई थी। सब लोग सुरक्षित जगहों की तरफ निकल गए। हमारे यहां रेलवे, रोड का काम चल रहा है। उत्तराखंड के कस्बे नदियों के किनारे हैं, सबको अलर्ट कर दिया गया। प्रशासन के साथ ही एसडीआरएफ और विशेष रूप से समाज के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस खबर को तेजी से प्रचारित किया। जो आशंका थी, उसका समय रहते निदान किया गया।

CM ने कहा कि मौजूदा हालात की बात की जाए, तो बहुत से लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। बहुत से लोग लापता हैं। टनल के आखिरी छोर पर हम कब तक पहुंचेंगे? इस सवाल पर सीएम रावत ने कहा कि रविवार सुबह से शव मिलने शुरू हुए, आज पूरे दिन में 12 शव बरामद हुए हैं, टनल के अंदर और रैणी गांव में। रेस्क्यू बल तेजी से काम कर रहा है, जोखिम है पर वे युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। मैं यह कह सकता हूं कि वहां पर जो भी लोग फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जाए, यह प्रयास किया जा रहा है।

Image

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हों, एसडीएम, आईटीबीपी की हेड सभी महिलाएं हैं और मुझे उन पर पूरा भरोसा है। वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही हैं। उनकी जितनी तारीफ की जाए, वो कम है। वे देवदूतों की तरह काम कर रही हैं। मैं उनके काम से संतुष्ट हूं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles