चमोली प्राकृतिक आपदा में रविवार को तपोवन टनल, रैणी गांव और रुद्रप्रयाग से 12 लोगों के शव बरामद किए गए। युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभी तक कुल 50 लोगों के शव बरामद हुए हैं और 25 की शिनाख्त हो चुकी है। अभी तक 32 शवों एवं 11 मानव अंगों का पूरे धार्मिक रीति रिवाजों एवं सम्मान के साथ दाह संस्कार करा दिया गया है।
चमोली आपदा में अब तक 50 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। प्रदेश के मुखिया सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश और देशवासियों को आश्वस्त किया है कि सुरंग में फंसे लोगों और लापता लोगों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में 7 फरवरी की उस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही बचाव अभियान के तमाम बिंदुओं को सामने रखा।
उस दिन जब सीएम को खबर मिली…
सीएम रावत ने बताया, ‘मैं एक कार्यक्रम में जा रहा था, गाड़ी से उतरा और मोबाइल देखा तो चमोली आपदा की खबर मिली। कार्यक्रम स्थल पर मैंने फौरन जिलाधिकारी से संपर्क किया। अपने सचिव से बात की कि फौरन हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कीजिए मैं पुलिस लाइन पहुंच रहा हूं। जितना जल्दी हो सका, मैं घटनास्थल पर पहुंच गया। मैं कह सकता हूं कि हमने एक मिनट भी बेकार नहीं जाने दिया।’
ITBP sniffer dog assisting in search and rescue operations near Raini site.#Tapovan #UttarakhandGlacierBurst pic.twitter.com/6vNa9tjIMQ
— ITBP (@ITBP_official) February 14, 2021
उन्होंने कहा कि चमोली आपदा हो, उत्तरकाशी की आपदा हो या देहरादून में जब 2010 में आपदा आई थी… अनुभव यह बताता है कि जितनी जल्दी हो सके हम दुर्घटनास्थल पर पहुंच सकें तो कई लोगों की जान बचा सकते हैं। जब हम वहां जाते हैं तो घायलों, परिजनों, कर्मचारियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है। उनकी आशाएं बढ़ती हैं। वैसे, मेरे पहुंचने से पहले सेना और आईटीबीपी ने काम संभाल लिया था।
पहला फैसला क्या था
पहला स्टेप यह था कि जो पानी ऊपर से चला है वह आगे नुकसान न पहुंचा सके। सीएम रावत ने कहा कि संचार की सुविधाएं जैसे सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो या साउंड सिस्टम से लोगों को जानकारी दी गई। साढ़े 10 बजे घटना हुई और साढ़े 11 बजे तक संभावित क्षेत्र तक कर्फ्यू जैसी स्थिति हो गई थी। सब लोग सुरक्षित जगहों की तरफ निकल गए। हमारे यहां रेलवे, रोड का काम चल रहा है। उत्तराखंड के कस्बे नदियों के किनारे हैं, सबको अलर्ट कर दिया गया। प्रशासन के साथ ही एसडीआरएफ और विशेष रूप से समाज के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस खबर को तेजी से प्रचारित किया। जो आशंका थी, उसका समय रहते निदान किया गया।
Indo-Tibetan Border Police (ITBP) search and rescue teams looking for missing at Raini site today.#Tapovan #UttarakhandDisaster #UttarakhandGlacialBurst #Himveers pic.twitter.com/R6Y57e1xPi
— ITBP (@ITBP_official) February 14, 2021
CM ने कहा कि मौजूदा हालात की बात की जाए, तो बहुत से लोग उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। बहुत से लोग लापता हैं। टनल के आखिरी छोर पर हम कब तक पहुंचेंगे? इस सवाल पर सीएम रावत ने कहा कि रविवार सुबह से शव मिलने शुरू हुए, आज पूरे दिन में 12 शव बरामद हुए हैं, टनल के अंदर और रैणी गांव में। रेस्क्यू बल तेजी से काम कर रहा है, जोखिम है पर वे युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। मैं यह कह सकता हूं कि वहां पर जो भी लोग फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जाए, यह प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हों, एसडीएम, आईटीबीपी की हेड सभी महिलाएं हैं और मुझे उन पर पूरा भरोसा है। वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही हैं। उनकी जितनी तारीफ की जाए, वो कम है। वे देवदूतों की तरह काम कर रही हैं। मैं उनके काम से संतुष्ट हूं।
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *