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सावधान! उत्तराखंड में भी डराने लगा कोरोना, देहरादून में रैंडम सैंपलिंग के दिए गए आदेश

कोरोना अब फिर से देशभर के लोगों को डराने लगा है। कई राज्यों में पाबंदी, एक दिन का लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू जैसे कदम उठाने पड़े हैं। एक बार फिर अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि ऐसे ही केस बढ़े तो कई राज्य लॉकडाउन के लिए मजबूर हो सकते हैं। ऐसे में पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड की स्थिति को बहुत बेहतर नहीं कहा जा सकता है। आइए समझते हैं-

20 मार्च 2020 को प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 98,311 पहुंच चुकी है। शनिवार शाम तक प्रदेश में 83 और नए मामले सामने आए। प्रदेश में शनिवार को 276 केंद्रों पर 13 हजार 870 लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। साथ ही अभी तक 109148 लोगों को दूसरी डोज लगी।

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कोरोना वैक्सीन जरूर लगने लगी है पर आबादी को देखते हुए इससे संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है पर लोगों की लापरवाही सब पर पानी फेर रही है। जी हां, वैक्सीन लगने की शुरुआत के बाद से ही लोगों ने कोरोना को हल्के में लेना शुरू कर दिया था। अब बाजारों में आधे से ज्यादा लोग लापरवाह दिखते हैं। मास्क ठीक तरह से चेहरे पर लगाए भी नहीं रहते। सामाजिक दूरी को अब ‘क्या जरूरत है’ जैसे भाव के साथ देखा जा रहा है।

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विशेषज्ञ साफ बता रहे हैं कि दिल्ली हो या महाराष्ट्र लोगों की लापरवाही के कारण संक्रमण फैल रहा है। इस समय सक्रिय केस 756 हैं। चिंता की बात यह है कि 24 घंटे में अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले लोगों से करीब दोगुनी संख्या में नए केस आ रहे हैं।

दिल्ली एवं अन्य राज्यों से आने-जाने वाले लोगों को टारगेट करते हुए देहरादून के जिलाधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है। अब देहरादून जिले की सीमाओं पर रैंडम सैंपलिंग की जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर रणनीति तैयार की है।

उधर, ऊधमसिंह नगर में भी इस दिशा में फोकस किया गया है। डीएम रंजना राजगुरु ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि दूसरे प्रदेशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए अधिकारी पहले की तरह अपनी तैयारियां दुरुस्त रखें। स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले की सीमाओं, औद्योगिक क्षेत्र और बस्तियों में रैंडम सैंपलिंग/जांच बढ़ाएगी।

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