कोरोना संकट काल में ग्राउंड जीरो पर उतर कर लोगों को मदद कर रहे शौर्य डोभाल

कोरोना संकट काल में ग्राउंड जीरो पर उतर कर लोगों को मदद कर रहे शौर्य डोभाल

कोरोना काल में कई तरह की मुसीबतें आ खड़ी हुई हैं। ऐसे में सरकार कई मोर्चों पर लोगों को मदद के लिए अभियान चला रही हैं, पर इस मिशन में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बिना लाइम लाइट में आए दिन-रात लोगों की परेशानियां दूर करने में जुटे हुए हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं शौर्य डोभाल…

इंडिया फाउंडेशन के निदेशक एवं भाजपा के सुशासन विभाग के प्रदेश संयोजक शौर्य डोभाल का कहना है कि इस कोरोना के मुश्किल भरे समय में हम सभी लोगों को नौकरी तो नहीं दे सकते परंतु जिम्मेदार नागरिक होने के नाते इस मुश्किल घड़ी में अपने प्रदेशवासियों की ओर सहयोग का हाथ जरूर बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना ने समस्त भारत को झकझोर कर रख दिया है, अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है, रोजगार छिन गए हैं और लोगों ने अपनों को खोया है। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार पर्यटन है जो लॉकडाउन से बेहद प्रभावित हुआ है। साथ ही प्रभावित हुए हैं वे परिवार जिनकी आजीविका का साधन पर्यटन है। इसके अलावा इस महामारी में कुछ लोगों ने अपने घर के कमाने वाले सदस्यों को खोया है। तो कहीं अतिवृष्टि से घर और फसल बर्बाद हुए हैं। प्रदेश सरकार अपनी सीमित संसाधनों के बावजूद हर व्यक्ति तक राहत पहुंचाने का प्रयास कर रही है। परंतु बढ़ती महामारी, छीनती नौकरियां और प्रभावित होते रोजगार के साधन प्रदेश की सीमित संसाधनों पर अत्यधिक दबाव डाल रहे हैं।

जमीन पर लोगों की मदद में जुटे डोभाल

शौर्य डोभाल कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में उत्तराखंड के लोगों की मदद के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं। एक तरफ वह मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने पर संवाद कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अस्पतालों में जाकर ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता बढ़ाने और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से टेलीमेडिसिन के जरिए प्रदेश के सुदूर इलाकों तक लोगों को इलाज पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

टिहरी के अस्पताल पहुंचे

इसी कड़ी में, शनिवार को शौर्य डोभाल ने 29 मई शनिवार को नरेंद्रनगर, टिहरी में स्थित श्रीदेव सुमन संयुक्त चिकित्सालय का दौरा किया और 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की तैयारियों का निरीक्षण किया। 80 बेड का यह अस्पताल कोविड के दौरान 200 बेड की अपनी पूर्ण क्षमता पर चल रहा है।

शौर्य ने बताया कि यहां एक छोटा ऑक्सीजन प्लांट सुचारू रूप से चल रहा है परंतु यह केवल 80 बेड को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। यहां मारुति के सहयोग से एक बड़ा प्लांट लगाए जाने के बाद क्षेत्र की जनता का इलाज हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दूसरे लहर ने हमें यह सीख दी है कि हमें पहाड़ों में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने पर काम करना ही एक मात्र उपाय है।

https://twitter.com/shaurya_doval/status/1398877007736283137?s=20

इससे एक दिन पहले शौर्य डोभाल ने प्रदेश के मुखिया और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भेंट की थी। बाद में उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भेंट कर 5०० लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले दो ऑक्सीजन प्लांट, 4० ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर तथा प्रदेश के सुदूर इलाकों के लिए दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से टेलीमेडिसिन की व्यवस्था स्थापित करने के विषय में बात की।

इन दो ऑक्सीजन प्लांट्स को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग एवं उप-जिला अस्पताल नरेंद्रनगर में अगले 1० दिनों में लगा दिया जाएगा। एक 5००ली. प्रति मिनट का ऑक्सीजन प्लांट करीब 5० मरीजों को ऑक्सीजन प्रदान कर सकता है। इस प्रयास को मूर्त रूप देने में मारुति सुजुकी के कार्यकारी निदेशक श्री राहुल भारती और टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ संपादक पंकज डोभाल का सहयोग रहा।

उन्होंने बताया कि डॉ. गिरीश चंद्र वैष्णव के नेतृत्व में उत्तराखंडी मूल के डॉक्टरों के दो हब देहरादून और दिल्ली से ई-संजीवनी के माध्यम से संचालित होंगे। इससे उत्तराखंड के सुदूर क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से प्रदेश की आम जनता का कंसल्टेशन और इलाज हो सकेगा। इन डॉक्टरों को साथ लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात की जहां मुख्यमंत्री ने इस मुहिम को स्वीकृति दे दी।

पहाड़ के गांवों में पहुंच रही हिल-मेल फाउंडेशन की टीम, पौड़ी गढ़वाल के कलजीखाल ब्लॉक में बांटी कोरोना किट

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