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उत्तरकाशी में कुदरत का कहर, बादल फटने से मांडो, निराकोट, पनवाड़ी और कंकराड़ी में घरों में घुसा मलबा, 3 लापता

उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार देर शाम उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। जिला मुख्यालय के पास चार गांवों  मांडो, निराकोट, पनवाड़ी और कंकराड़ी में कुदरत का कहर टूट पड़ा। देर रात गांवों में पहाड़ों, गदेरों और जलस्रोतों से भारी मात्रा में आए मलबे से कई घरों को खासा नुकसान पहुंचा। तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं।

मांडो गांव के लगभग नौ घर मलबे की चपेट में आए हैं जिनमें कई लोगों और वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसटीएफ और पुलिस पहुंच गई है और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा निराकोट और पनवाड़ी में भी मलबा आने से खासा नुकसान पहुंचा है।  दहशत के चलते लोग घरों को छोड़कर सड़कों पर आ गए हैं। मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के नेटवर्क फिलहाल ठप्प हैं । इस बीच, तीन घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार देर शाम तेज बारिश के बाद जिला मुख्यालय के 15 किमी क्षेत्र में पड़ने वाले निराकोट और कंकराड़ी गांव में बादल फटा। इससे बरसाती गदेरों में उफान आ गया। कंकराड़ी गांव में दो मकान ध्वस्त हो गए। यहां एक व्यक्ति जबकि मांडो गांव की दो महिलाओं के लापता होने की सूचना है। साथ ही मांडो गांव के तीन ग्रामीण घायल भी हुए हैं। घायलों में गणेश बहादुर, रविंद्र और रामबालक यादव शामिल हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर साड़ा के पास मोटर पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। कई घरों में बारिश के पानी के साथ आया मलबा घुस गया है।

इस बीच, सीएम धामी ने ट्वीट कर कहा, रविवार शाम उत्तरकाशी जनपद के ग्राम कंकराड़ी, मांडों में अतिवृष्टि/बादल फटने की दुःखद घटना हुई है। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंच गयी है। डीएम को राहत और बचाव कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं। ईश्वर से प्रभावितों की कुशलता की कामना करता हूं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर मौजूद है।

 

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Hill Mail

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