भारतीय सेना (Indian Army) और उत्तराखंड टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (UTU) आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। भारतीय सेना और UTU के बीच इसके लिए अकादमिक सहयोग यानी एकेडमिक कोलैबरेशन होने जा रहा है। इसे उत्तराखंड राज्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VMSBUTU) के कैंपस में इस संबंध में एक बैठक हुई। इसमें भारतीय सेना के अधिकारियों की टीम एवं विश्वविद्यालय के अधिकारियों में हिस्सा लिया। इस बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीपी. ध्यानी ऑनलाइन जुड़े। डा. ध्यानी ने भारतीय सेना की ओर से बैठक में प्रतिभाग कर रहे ब्रिगेडियर केपी कृष्णन कुमार और उनकी टीम का अभिनंदन करते हुए उन्हें प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों की जानकारी दी। इसके बाद यूनिवर्सिटी के कुलसचिव आरपी गुप्ता ने विश्वाविद्यालय में उपलब्ध एकेडमिक रिसर्च सुविधाओं से सेना की टीम के सदस्यों को अवगत कराया। इस दौरान उन्हें यूनिवर्सिटी की हाई परफॉरमेशन कंप्यूटर लैब और वहां मौजूद शोधार्थियों के प्रोजेक्टों की जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारतीय सेना एवं उत्तराखंड टेक्नीकल यूनिवर्सिटी के बीच अकादमी सहयोग (Academic Collaboration) उत्तराखंड राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
ब्रिगेडियर केपी कृष्णन कुमार ने अपर मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा राधा रतूड़ी से भी मुलाकात की। इस दौरान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी के साथ होने वाले इस अकादमिक सहयोग पर चर्चा की गई। इस बैठक में ले. कर्नल प्रशांत अग्रवाल, उत्तराखंड शासन की ओर से को-ऑर्डिनेटर-डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग कर्नल वीएस रावत तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव आरपी गुप्ता मौजूद थे।


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