नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल का गुप्तकाशी में नागरिक अभिनंदन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें केदारनाथ पुनर्निर्माण में किए गए कार्यो के लिए दिया गया।
कर्नल कोठियाल का गुप्तकाशी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्हें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं व क्षेत्रीय लोगों ने गुप्तकाशी मुख्य बाजार से अभिनंदन समारोह तक पैदल लाया गया। इससे पहले भी कर्नल अजय कोठियाल को उत्तरकाशी में ‘‘उत्तराखंड गौरव’’ से सम्मानित किया जा चुका है।
कर्नल कोठियाल द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिला। काम सभी लोग करते है और इसका श्रेय मुझे मिल रहा है जिसे पाकर उन्हें अच्छा लग रहा है।
नंदादेवी राजजात यात्रा में सबसे कठिन पड़ाव ज्यूरागली को माना जाता है, उन्होंने कहा कि इस मार्ग को ठीक करने में कड़ी मेहनत की गई।
इससे पूर्व विभिन्न विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी दी गई। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में क्षेत्र की जनता मौजूद थी।
केदारनाथ तक सड़क मार्ग को चारधाम यात्रा से पहले तक सुचारू करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने रामबाड़ा से केदारनाथ तक बनने वाले मार्ग के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया था।
इस टास्क फोर्स का नेतृत्व नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल और डी.आई.जी जी.एस. मार्तोलिया को सौंपा गया था। इस टास्क फोर्स ने युद्धस्तर पर कार्य करके निश्चित अवधि के दौरान इस कार्य को समाप्त किया।
इसके अलावा कर्नल कोठियाल द्वारा इस क्षेत्र के बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो एक बेहतरीन पहल है।
सेना ने जहां उनकी वीरता के लिये शौर्य चक, कीर्ति चक्र और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया है, वहीं आम जनता ने उनका अभिनंदन कर इस सम्मान को और बढ़ा दिया है।
हिलमेल ब्यूरो


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