उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। यहां के ऊंचे-ऊंचे पहाड़, कल कल करते झरने, अनेक धार्मिक स्थल, यहां की प्राकृतिक सुन्दरता, जो किसी को भी अपनी ओर ले आती है। ऐसे में कौन नहीं होगा जो उत्तराखण्ड की ओर नहीं आना चाहेगा। पर्यटकों
उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। यहां के ऊंचे-ऊंचे पहाड़, कल कल करते झरने, अनेक धार्मिक स्थल, यहां की प्राकृतिक सुन्दरता, जो किसी को भी अपनी ओर ले आती है। ऐसे में कौन नहीं होगा जो उत्तराखण्ड की ओर नहीं आना चाहेगा।
पर्यटकों को अपनी ओर आक्रषित करने के लिए सरकार और निजी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा जिससे कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों का आना जाना रहे और पर्यटक इस राज्य के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक बातों का आनन्द उठा सके।
उत्तराखण्ड के अनुभव के बाद जब भी कोई आपसे ‘सुन्दरता’ जैसे साधारण शब्द का अर्थ पूछे तो यह संभव है कि आपको शब्दों की कमी पड़ जाए। उत्तराखण्ड जिन चीजों से पहचाना जाता है उन सबमें सुन्दरता इतनी अधिक समाहित है – हिमालय पर्वत, पवित्र नदियाँ, अध्यात्मिक रहस्य, अचरजकारी प्रकृति सुन्दरता, कुदरत की सतत जारी रहने वाली अठखेलियाँ, पुरातन शिलाओं पर उकेरा हुआ विस्मयकारी इतिहास और सबसे अधिक यहाँ के सादगीपसंद लोग।
उत्तराखण्ड की करिश्माई सुन्दरता का बखान उस जन के बिना अधूरा रहेगा जो इस महान क्षेत्र में निवास करता है। साधारण, सादगीपसंद, सहायता करने को सदैव तत्पर और मेहनती जन जो इस प्रदेश के प्राकृतिक तत्वों की ही तरह विविधता से भरे हुए हैं।
उत्तराखण्ड में बहुत सारे जनजातीय समूह अपनी संस्कृति को बचाए रखते हुए दूसरे लोगों से साथ शांति और सामंजस्य बनाए हुए निवास कर रहे हैं।
पर्यटन की दृष्टि से अद्वितीय होने के साथ साथ यह राज्य नृतत्वशास्त्रियों, इतिहासकारों, पक्षीविज्ञानियों, भाषाविदों और भूगर्भवेत्ताओं के लिए ज्ञान का अपार भण्डार भी है। आप किसी भी विषय का जिक्र करें, उत्तराखण्ड के पास उस से सम्बंधित कुछ न कुछ नूतन अवश्य होगा।
इस पवित्र भूमि के बारे में सही सही बताने के लिए कोई भी शब्दावली सम्पूर्ण नहीं हो सकती। अध्यात्मिक और संवेदी अनुभवों की अकल्पनीय विविधता किसी भी भाषा से परे है।
उत्तराखण्ड में आने वाला हर पर्यटक यहां की सुन्दरता और सादगी को इतना पसन्द करता है कि यहां वह बार बार आने के लिए प्रेरित होता है। वह सालों साल तक इस यात्रा को याद रखता है।
हम उत्तराखण्ड के लोगों का यह कतव्र्य होना चाहिए कि हम यहां आने वाले हर पर्यटक को उसकी सुविधानुसार सुविधा प्रदान करें और अपने उत्तराखण्ड के बारे में पूरी दुनियां को बताएं।
हिलमेल ब्यूरो







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