विश्व में हरिद्वार और ऋषिकेश को पवित्र एवं प्रसिद्ध स्थलों के रूप में जाना जाता है। हरिद्वार वह स्थान है जहाँ गंगा नदी पहाड़ों को छोड़ने के बाद मैदानों में प्रवेश करती है। राजा विक्रमादित्य ने हर-की-पौड़ी का निर्माण अपने भाई ब्रिथारी की याद में करवाया था, जो गंगा नदी के घाट पर बैठ कर ध्यान किया करते थे।
अब केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि विश्व में आध्यात्मिकता के क्षेत्र में अलग महत्व रखने वाले हरिद्वार तथा ऋषिकेश को केंद्र सरकार जुड़वा शहर (ट्विन सिटीज) के रूप में विकसित करेगी। यह बात उन्होंने हाल ही में देहरादून यात्रा के दौरान कही।
केंद्रीय मंत्री ने टिहरी झील को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद यह झील पर्यटन के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम बन जायेगी। टिहरी बांध की विशाल झील को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल के तौर पर स्थापित करने के लिए केंद्र वित्तीय मदद देगा।
इसके अलावा टिहरी झील से नई टिहरी तक रोपवे के लिए 30 करोड़ व लिंचैली से केदारनाथ तक रोपवे के लिए 50 करोड़ की राशि जल्द मंजूर की जाएगी। साथ ही, चार धामों के विकास के लिए दस-दस करोड़ की योजनाएं भी मंजूर की जाएंगी।
राज्य मंत्री ने अपनी उत्तराखंड की यात्रा के दौरान राज्य के पर्यटन मंत्री दिनेश धनै से भी मुलाकात की। उन्होंने उत्तराखंड के पर्यटन से संबंधित विभिन्न योजनाओं के बारे में राज्य के पर्यटन मंत्री व विभागीय अफसरों के साथ बैठक भी की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इस राह में कनेक्टिविटी की कमी आड़े आ रही है।
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व में आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उत्तराखण्ड के महत्व से सभी परिचित हैं और हरिद्वार व ऋषिकेश को पर्यटन में जुड़वा शहर के तौर पर केंद्र सरकार विकसित करेगी। मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान कहा कि यदि हरिद्वार व ऋषिकेश में गंगा किनारे घाट बनाने में केंद्र सरकार सहयोग करे तो बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड को दक्षिण पूर्व एशिया में पर्यटन के एक बड़े आकर्षण केंद्र के तौर उभारा जा सकता है जिस पर केंद्रीय मंत्री ने भी अपनी सहमति व्यक्त की। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों शहरों को विश्व योग केंद्र के रूप में स्थापित किया जायेगा। साथ ही, दोनों शहरों के बीच मेट्रो रेल के लिए भी अतिरिक्त वित्तीय मदद पर विचार किया जाएगा।
हिलमेल ब्यूरो


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