सोनप्रयाग के सीतापुर पार्किंग के नज़दीक फुलवारी रिसोर्ट आजकल चर्चा में है । 14 लक्ज़री टेंटों वाला यह रिसोर्ट तीर्थ यात्रियों को पहाड़ी सभ्यता और पर्यावरण के नज़दीक लाने के लिए बनाया है।
रुद्रप्रयाग: 2013 में आई आपदा के बाद चारधाम को 2020-2021 कोविड महामारी ने मायूस कर दिया था । लगभग दो वर्ष बाद 6 मई से पुनः शुरू हो रही केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर भक्तों और क्षेत्रीय व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह है।
वहीं सोनप्रयाग के सीतापुर पार्किंग के नज़दीक फुलवारी रिसोर्ट आजकल चर्चा में है । 14 लक्ज़री टेंटों वाला यह रिसोर्ट तीर्थ यात्रियों को पहाड़ी सभ्यता और पर्यावरण के नज़दीक लाने के लिए बनाया है। फुलवारी रिसोर्ट केदारनाथ धाम की पार्किंग के काफी नजदीक होने के बावजूद शांति और प्रकृति के बीच में समाये हुए है । और यहां पर ठहरने की सुविधाएं व शुद्ध वातावरण की वजह से यह रिसोर्ट यात्रियों के लिए अनुकूल जगह साबित होगा।
फुलवारी रिसोर्ट के संस्थापक मनोज सेमवाल ने हिलमेल से बातचीत में बताया की भी इस बार की केदारनाथ यात्रा को लेकर क्षेत्र की जनता में काफी उम्मीदें है। उन्हीने बताया की फुलवारी रिसोर्ट में ठहरने वाले यात्रियों को शुद्ध पहाड़ी खाना मिलेगा। यदि आप सीतापुर (सोनप्रयाग) में जाम में फसे हैं तो उनकी टीम गाड़ी में खाना, पानी और दुस्तबिन मुहैया कराएगी।
फुलवारी रिसोर्ट में 2 लोगो के लिए 1 दिन के ठहरने का किराया सिर्फ 5000 है जिसमे उन्हें रात्रि भोजन और सुबह नाश्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
यह भी पढ़े: सोनप्रयाग का ‘पहाड़ी किचन’ यानी आर्गेनिक उत्पादों से बने खाने का जायका
पुलवारी रिसोर्ट के संस्थापक मनोज सेमवाल ने ही 2019 में सोनोरायग पार्किंग के नज़दीक पहाड़ी किचन की थी। जिसमे उनको ज़बरदस्त रिस्पांस मिला था। मनोज सेमवाल बताते है “हम पिछले कई वर्षों से केदार घाटी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
“लोग हमें यहां जानते हैं और आए दिन बहुत से युवा हमारे पास रोजगार के लिए आते हैं। अब महादेव के आशीर्वाद से यात्रा दोबारा शुरू हो रही है तो हमारा मकसद रहेगा की दुनिया भर से आए यात्री पहाड़ी स्वाद और यहां की मेहमान नवाजी से प्रेरित होकर जाएं जिससे उत्तराखंड का नाम रोशन होगा |”
आप भी फुलवारी रेसोर्ट में बुकिंग करा सकते हैं, यहां संपर्क करें +918267013792 , +918266013792











Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked with *