Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ केदारनाथ धाम को प्लास्टिक फ्री बनेगा के लिए शुरू हुई अनोखी मुहिम
उत्तराखंड न्यूज़पर्यटन समाचाररुद्रप्रयाग

केदारनाथ धाम को प्लास्टिक फ्री बनेगा के लिए शुरू हुई अनोखी मुहिम

केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल दर साल बढ़़ रही है इससे यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। जब यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी तो वे यहां आने पर अपने लिये खाने पीने की चीजें भी लायेंगे जिसमें कुछ चीजें प्लास्टिक की भी होती है जिसमें कुछ पानी की प्लास्टिक की बोतल भी होती हैं। जो कि पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और रिसाइकिल कंपनी ने बीते लगभग तीन माह पूर्व से ही केदारनाथ धाम में पानी की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाना शुरू कर दिया था। जो श्रद्धालु क्यूआर कोड वाली प्लास्टिक की बोतल को वापस करेगें उन्हें बोनस के रूप में 10 रुपये भी दिये जाएंगे।

केदारनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिसके चलते केदारनाथ धाम में फैल रही प्लास्टिक की बोतलों को एकत्र किया जा रहा है। वहीं जो श्रद्धालु क्यूआर कोड वाली प्लास्टिक की बोतल को वापस करेगें उन्हें बोनस के रूप में 10 रुपये भी दिये जाएंगे।

यह अभियान अब केदारनाथ घाटी के सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और गौरीकुंड सहित अन्य बाजारों में भी तेजी पकड़ने लग गया है। केदारनाथ घाटी में पर्यावरण के लिए खतरा बन रहे प्लास्टिक की रोकथाम के लिए प्रशासन और रिसाइकिल कंपनी ने बीते लगभग तीन माह पूर्व से ही केदारनाथ धाम में पानी की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाना शुरू कर दिया था। जिसे एकत्रित करने की मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत जो भी श्रद्धालु क्यूआर कोड वाली बोतल इस्तेमाल के बाद वापस लौटाएगा उसे बोनस के रूप में दस रुपये दिये जाएंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...