Home उत्तराखंड न्यूज़ अय्याशी का अड्डा था बनंत्रा रिजॉर्ट, कर्मचारियों ने खोले काले कारनामों का राज
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरदेहरादून

अय्याशी का अड्डा था बनंत्रा रिजॉर्ट, कर्मचारियों ने खोले काले कारनामों का राज

वनंत्रा रिजॉर्ट के बारे में जैसे जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे वैसे यहां चल रहे काले कारनामों के बारे में जानकारी सामने आ रही है। यहां पर काम कर रहे कर्मचारी इस रिजॉर्ट में चल रहे काले कारनामों के बारे बता रहे हैं। यहां के कर्मचारियों का कहना है कि इस रिजॉर्ट में जिस्मफरोशी से लेकर चरस, गांजे और शराब की पार्टियां होती थीं। हर तरह का नशा वहां पर मिलता था।

इस रिजॉर्ट के मालिक पुलकित इसमें क्या क्या काम करता था उस सबके बारे में एक एक कर राज बाहर निकल रहे हैं। लोग बता रहे हैं कि इस रिजॉर्ट में लोग बाहर से आकर पार्टियां करते थे और इन लोगों के लिए शराब और शबाब भी परेसा जाता था। इस बारे में कर्मचारियों ने अपने बयान भी दर्ज कराये हैं।

अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद मेरठ निवासी विवेक भारद्वाज और उनकी पत्नी इशिता मीडिया के सामने आये और उन्होंने यहां चल रहे काले कारनामों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि वह करीब छह महीने पहले इस रिजॉर्ट में नौकरी करने गए थे। इशिता को वहां पर फ्रंट ऑफिस में मैनेजर का पद दिया गया था। जबकि, विवेक भारद्वाज को रूम सर्विस मैनेजर बनाया गया था।

पति-पत्नी ने बताया कि वहां पर हो रहे कामों से वह बहुत परेशान हो गए थे। यहां पर आए दिन नशे की पार्टियां होती थीं। यहां पर जिस्मफरोशी के लिए जो भी लड़कियां यहां आती थी उनकी कोई एंट्री नहीं होती थी।

दंपती का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत की। पुलिस ने कहा कि राजस्व क्षेत्र है। राजस्व क्षेत्र के पटवारी को फोन किया तो वह उन्हें ही धमकाने लगा। आरोप है कि एक दिन पटवारी रिजॉर्ट में आया और दोनों पर ही आरोप लगाने लगा। इसके बाद एक दिन दंपती मौका पाकर वहां से निकल आए।

एसआईटी प्रभारी डीआईजी पी रेणुका देवी ने बताया कि सारे साक्ष्य एक-एक कर इकट्ठा किए जा रहे हैं।
रिजॉर्ट में काम करने वाले कर्मचारी इशिता और विवेक भारद्वाज ने बताया कि पुलकित और उसके दोस्तों की अलग ही दुनिया थी। रिजॉर्ट में काम करने वालों के साथ वह तानाशाह जैसे व्यवहार करते थे।

उन्होंने बताया कि जब यहां आने वाले मेहमानों के सामान गायब हो जाते थे तो वह कर्मचारियों पर इल्जाम लगाते थे और उसके बाद कर्मचारियों को सजा दी जाती थी।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, जुबिन नौटियाल के पिता हैं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। देहरादून...

उत्तराखंड में अगले चार महीने में 2000 पदों पर भर्ती की तैयारी, UKSSSC का परीक्षा कैलेंडर जारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण...