श्रम और रोजगार के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा ‘द राइज ऑफ़ बीजेपी’; सतविंदर सिंह मदौलवी द्वारा ‘हीद कांशी राम मरौली’; गुरदेव सिंह सिंधु द्वारा ‘शहीद उधम सिंह’; रिचा भट्ट बडोला द्वारा ‘ए स्लीक लाइफः ए मेमॉयर ऑफ ऑयलमैन सतीश चंदर’; और ‘कारगिल हीरोजः टेन एक्सक्लूसिव इंस्पायरिंग स्टोरीज’, के साथ साथ कई अन्य पुस्तकों पर चर्चा व विमोचन किया गया।

साथ ही, मेले का बल मंडप हर रोज़ की तरह बच्चों के उत्साह और हंसी से भरा रहा। दिन की शुरुआत मैपोलॉजी पर एक आकर्षक सत्र के साथ हुई, जहां बच्चों ने खेल के माध्यम से भारतीय भूगोल के बारे में सीखा। साथ ही सारा रोज़, सिया गुप्ता, आयुष पंडित जैसे बाल लेखकों के साथ एक आकर्षक पैनल चर्चा भी हुई, जहां लेखकों ने अपनी लेखन यात्रा शुरू करने के पीछे की प्रेरणा पर चर्चा की।
ऑथर्स कॉर्नर के आज के सत्रों में विभिन्न युवा लेखकों और प्रसिद्ध वक्ताओं ने समकालीन प्रासंगिकता के विषयों और भारत को पाठकों और नेताओं का देश बनाने के तरीकों के बारे में बात की।
नाट्यशाला में लोक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ मेले का समापन सरगम समूह द्वारा मोहक सूफी प्रस्तुति – जौहर अली असेंबली और ऊर्जावान गिद्दा प्रदर्शन के साथ हुआ।

मेले की 9 दिनों के दौरान, देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए और प्रेरक बातचीत की एक श्रृंखला के साथ आज़ादी का अमृत महोत्सव में भाग लेने के लिए आगंतुक भरी संख्या में थीम मंडप में आये, जहां वे देश के अज्ञात नायकों की कहानियों से परिचित हुए। जी-20 मंडप भी बेहद लोकप्रिय रहा – लोगों ने जी-20 सदस्य देशों की पुस्तकों का अवलोकन किया और भारत की जी-20 अध्यक्षता के बारे में जाना। एनईपी मंडप ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने और आगे बढ़ाने के लिए कई सत्रों की मेजबानी की, विशेष रूप से डिजिटल शिक्षण विधियों पर ध्यान केंद्रित किया।
अंतर्राष्ट्रीय गतिवधि मंच पर भारतीय दृष्टिकोण के साथ वैश्विक दृष्टिकोण का एक गतिशील अभिसरण था, और युवा कॉर्नर ने युवा भारतीय आवाजों को उनकी विविधता में सामने लाया। मेले के दौरान आयोजित शिक्षा कॉन्क्लेव के दौरान, शिक्षा, पंचायती राज, संस्कृति और प्रारंभिक बाल विकास क्षेत्रों के नीति निर्माता और हितधारक उपयुक्त डिजिटल सामग्री के साथ बच्चों और किशोरों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी और सामुदायिक पुस्तकालय परियोजना के कार्यान्वयन पर विचार-मंथन के लिए एक साथ आए।
150 से अधिक भाषाओं में प्रदर्शित पुस्तकों के अलावा, मेले के इस संस्करण में एनी एर्नॉक्स, सूबेदार मेजर योगेंद्र यादव, सर्गेई लावरोव, आनंद नीलकांतन, कबीर बेदी, सूसी मॉर्गनस्टर्न, ओलिविया रुइज़, ऑस्कर पुजोल, अश्विन सांघी, कुमार विश्वास, साइमन लैमौरेट, मैथ्यू बर्ट्रेंड और जया मेहता और प्रधानमंत्री युवा योजना के युवा लेखकों जैसी प्रमुख हस्तियों की वार्ता और सेमिनार देखे गए।


Leave a comment