देश में विभिन्न बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। जिसमें लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के दौरान बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए यूपी-112 की एडीजी नीरा रावत ने विद्यार्थियों को हो रही असुविधा के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। जिसके अंतर्गत शोर शराबे की शिकायत मिलते ही यूपी-112 की पीआरवी मौके पर जाकर तत्काल शोर-शराबा बंद करवायेगी। ताकि बच्चों को पढाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
परीक्षाओं के समय अधिक शोर की शिकायतों को और अधिक मुस्तैदी से अटेन्ड करने के निर्देश जारी किए है। शोर शराबे के खिलाफ सर्वाधिक शिकायतें बड़े शहरों से मिल रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी माह के 15 दिनों में 3585 शिकायतें प्रदेश के विभिन्न शहरों से 112 को मिली। जबकि जनवरी माह के 31 दिनों में इन शिकायतों की संख्या महज 1415 थी। 75 दिनों में ध्वनि प्रदूषण की सर्वाधिक 739 शिकायतें लखनऊ से मिलीं, जबकि इसी अवधि में 734 शिकायतें गौतमबुद्धनगर से आयी हैं। गाजियाबाद और कानपूर से क्रमशः 590 और 376 शिकायतें 75 दिन में 112 को मिली हैं।
नीरा रावत ने बताया कि बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहर काफी शांत रहे। 75 दिनों में श्रावस्ती से कुल तीन शिकायतें 112 को मिली। यहां से जनवरी में एक और 15 फरवरी तक दो शिकायतें मिली हैं। इसी तरह 75 दिनों में औरैया से 10 और एटा व कौशाम्बी से 12-12 शिकायतें 112 को मिली हैं।
आकड़ों पर गौर किया जाए तो सबसे ज्यादा अंशाति की समस्या बड़े शहरों में है। दिसंबर महीने के 15 दिनों में 1558 शिकायतें ध्वनि प्रदूषण की 112 को मिलीं। जबकि जनवरी के 31 दिनों में यह आंकड़ा 1415 शिकायतों का रहा। परीक्षाओं के करीब आते ही फरवरी के 15 दिनों में शिकायतों का आंकड़ा 3585 तक पहुंच गया। इसी को देखते हुए 112 द्वारा यह अनोखी पहल की जा रही है।


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