Home ताज़ा ख़बर यूपी पुलिस ने विद्यार्थियों की असुविधा को देखते हुए शुरू की नायाब पहल
ताज़ा ख़बरदेश-विदेशसरोकार

यूपी पुलिस ने विद्यार्थियों की असुविधा को देखते हुए शुरू की नायाब पहल

देश में बोर्ड की परीक्षायें शुरू हो गई है बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान न पड़े इसके लिए यूपी पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है जिससे छात्र-छात्राओं को इससे काफी फायदा होगा।

देश में विभिन्न बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। जिसमें लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के दौरान बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न पड़े इसके लिए यूपी-112 की एडीजी नीरा रावत ने विद्यार्थियों को हो रही असुविधा के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। जिसके अंतर्गत शोर शराबे की शिकायत मिलते ही यूपी-112 की पीआरवी मौके पर जाकर तत्काल शोर-शराबा बंद करवायेगी। ताकि बच्चों को पढाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।

परीक्षाओं के समय अधिक शोर की शिकायतों को और अधिक मुस्तैदी से अटेन्ड करने के निर्देश जारी किए है। शोर शराबे के खिलाफ सर्वाधिक शिकायतें बड़े शहरों से मिल रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी माह के 15 दिनों में 3585 शिकायतें प्रदेश के विभिन्न शहरों से 112 को मिली। जबकि जनवरी माह के 31 दिनों में इन शिकायतों की संख्या महज 1415 थी। 75 दिनों में ध्वनि प्रदूषण की सर्वाधिक 739 शिकायतें लखनऊ से मिलीं, जबकि इसी अवधि में 734 शिकायतें गौतमबुद्धनगर से आयी हैं। गाजियाबाद और कानपूर से क्रमशः 590 और 376 शिकायतें 75 दिन में 112 को मिली हैं।

नीरा रावत ने बताया कि बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहर काफी शांत रहे। 75 दिनों में श्रावस्ती से कुल तीन शिकायतें 112 को मिली। यहां से जनवरी में एक और 15 फरवरी तक दो शिकायतें मिली हैं। इसी तरह 75 दिनों में औरैया से 10 और एटा व कौशाम्बी से 12-12 शिकायतें 112 को मिली हैं।

आकड़ों पर गौर किया जाए तो सबसे ज्यादा अंशाति की समस्या बड़े शहरों में है। दिसंबर महीने के 15 दिनों में 1558 शिकायतें ध्वनि प्रदूषण की 112 को मिलीं। जबकि जनवरी के 31 दिनों में यह आंकड़ा 1415 शिकायतों का रहा। परीक्षाओं के करीब आते ही फरवरी के 15 दिनों में शिकायतों का आंकड़ा 3585 तक पहुंच गया। इसी को देखते हुए 112 द्वारा यह अनोखी पहल की जा रही है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल, दुष्यंत गौतम को मिली सिक्किम की जिम्मेदारी

उत्तराखंड समेत देश के छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल...

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव: सीएम धामी ने दिया ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड...

उत्तराखंड बीजेपी से राज्यसभा प्रत्याशी दिनेश आर्य कल करेंगे नामांकन, ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत

उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी के घोषित प्रत्याशी...

बिलखेत में 30 दिवसीय पैराग्लाइडिंग अभ्यास शिविर शुरू, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की उम्मीद

नयारघाटी के बिलखेत में एयरो स्पोर्ट्स और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने...