उत्तराखंड से भी भारतीय जनता पार्टी ने पांचों लोकसभा सीट पर विजय हासिल की। उत्तराखंड से लोकसभा चुनावों में हैट्रिक बनाने के बावजूद भाजपा हाईकमान किसी भी क्षेत्र में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता। अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व के बहाने पार्टी हाईकमान ने सभी वर्गों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा को मंत्रिमंडल में जगह देकर पार्टी ने अनुसूचित जाति को तरजीह दी है। इससे पूर्व कई दिग्गजों को दरकिनार कर पार्टी ने कल्पना सैनी को राज्यसभा भेजकर महिलाओं के साथ ही ओबीसी समुदाय का सम्मान किया था। प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजपूत और प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ब्राह्मण जाति से हैं।

अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर अजय टम्टा लगातार तीसरी बार जीते हैं। उनकी जीत के पीछे मोदी मैजिक, संगठन और डबल इंजन की सरकार रही है। इस सीट पर भीतरघात में उलझी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी उतारने में 10 दिन का वक्त लगा दिया और शुरू से ही वह प्रचार में पिछड़ गई। अजय टम्टा के प्रचार में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह पहुंचे और वहीं प्रदीप टम्टा के प्रचार में उनके सियासी गुरु हरीश रावत तक अल्मोड़ा नहीं पहुंचे। इस सीट पर भी कांग्रेस अग्निवीर और बेरोजगारी के मुद्दे को हवा नहीं दे सकी। अजय टम्टा ने कहा, यह जीत मेरी नहीं बल्कि पूरे संसदीय क्षेत्र की जनता की है। जनता ने पीएम मोदी और बीजेपी पर भरोसा जताया है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सूबे की डबल इंजन सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किया है।
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने वाले अजय टम्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में कपड़ा राज्य मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1996 में जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था। इसके बाद वह जिला पंचायत अध्यक्ष और 2012 में सोमेश्वर सीट से विधायक चुने गए। अल्मोड़ा सीट पर 2014 से अब तक लगातार सांसद चुने गए हैं।
पार्टी उत्तराखंड में अपनी जमीन को और मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पार्टी के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी धर्म समुदाय और वर्गों को पूरा सम्मान दिया है। सभी वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य में नई नई योजनाओं की शुरूआत की गई है।


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