Saturday , 5 September 2026
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गंगा ये तेरी है फिर कैसी देरी है…… मां गंगा।

समूची गंगोत्री घाटी और घाटी के लोग बेसब्री से देश और दुनियां के सबसे लोकप्रिय , ताकतवर नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के स्वागत के लिए बेताब है। समूचा उत्तराखंड और उत्तरकाशी के लोग पिछले 10 दिनों से एकटकी लगाए बैठे हैं।।

मां गंगा जी भी अपने अनन्य भक्त की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहीं हैं, हां इतना जरूर है कि वे किसी से बोल नहीं सकती।
लेकिन बोल रही हैं, दिख भी रहा है और मां गंगा जी आवाज भी दे रहीं हैं, लेकिन कोई सुने तो….. इंसान नहीं सुन सकता!

प्रकृति ने सुना तो समूची घाटी को अपने आभूषणों से जमकर मां गंगा जी ओर उसके मायके का श्रृंगार कर लिया
अपने अनमोल उपहारों से।
समूची मां गंगा जी ने और समूचे हिमालय के साथ समूची गंगोत्री घाटी ने बर्फ के आभूषणों से लकदक होकर श्रृंगार किया है।
समूची प्रकृति खिल उठी है, नाच रही है, उमंग और उत्साह से।
क्या देवदार के जंगल, क्या कैल,समूचे जंगलों ने, पहाड़ों पर्वतों , पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र भी उद्वेलित है अपने खास मेहमान की आने की खबर से।।
और सबसे ज्यादा मां गंगा जी भी तो अपने सबसे प्रियतम भक्त के आने की खुशी में ओत प्रोत होकर कह रहीं हैं….गंगा ये तेरी है फिर कैसी देरी है…..

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत के लिए हर्षिल-मुखवा क्षेत्र सज-संवर कर पूरी तरह से तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आग्रह पर शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री गुरूवार को हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के भ्रमण पर आ रहे हैं। जिसे देखते हुए उत्तरकाशी जिले के इस सीमावर्ती क्षेत्र में गजब का उत्साह एवं उल्लास देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री की आगवानी के लिए हर्षिल क्षेत्र के निवासी बड़ी संख्या में निचली घाटियों के शीतकालीन प्रवास स्थलों से अपने मूल घरों को लौट आए हैं और पिछले दिनों हुई बर्फबारी से सराबोर हर्षिल घाटी में ठिठुरन की बजाय गर्मजोशी का माहौल है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वृहस्पतिवार 6 मार्च के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र के प्रस्तावित दौरे तहत सबसे पहले गंगा जी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा (मुखीमठ) जाकर गंगा मंदिर में दर्शन-जून करने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मुखवा स्थित गंगा मंदिर एवं स्थानीय भवन शैली से बने पौराणिक भवनों को भव्य तरीके से सजाने के साथ ही समूचे मुखवा गांव को भी सजाया-संवारा गया है।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुखबा मंदिर के बाद प्रधानमंत्री पूर्वाह्न 10.30 बजे हर्षिल पहुंचकर उत्तराखंड शीतकालीन पर्यटन और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद जादुंग व पीडीए के लिए मोटर बाईक व एटीवी-आरटीवी रैलियों तथा जनकताल एवं मुलिंगला के लिए ट्रैकिंग अभियानों को झंडी दिखाकर शुभारंभ करेंगे। सीमावर्ती नेलांग-जादुंग-पीडीए क्षेत्र का मनमोहक शीत मरूस्थली पठार का क्षेत्र अभी तक पर्यटन की गतिविधियों से अछूता रहा है। प्रधानमंत्री के हाथों इन क्षेत्रों के लिए साहसिक पर्यटन अभियानों के शुभारंभ से इस क्षेत्र में पर्यटन विकास के नए द्वार खुल जाएंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री हर्षिल में जनसभा को भी संबोधित करेंगे। हर्षिल में जनसभा के लिए बड़ा पंडाल स्थापित करने के साथ ही साज-सज्जा कर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल सहित प्रशासन व पुलिस के तमाम अधिकारी इन दिनों हर्षिल में ही डेरा डाले हुए हैं। प्रधानमंत्री के दौरे की व्यवस्थाओं को लेकर अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को हर्षिल क्षेत्र में तैनात किया गया है। क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती करने के साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं।

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर आज पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, सचिव गृह शैलेश बगोली, आयुक्त गढवाल मंडल एवं सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी मुरूगेशन व ए.पी. अंशुमान, महानिदेशक सूचना वंशीधर तिवारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आज हर्षिल क्षेत्र का भ्रमण कर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हैं और उत्तरकाशी जिला प्रधानमंत्री के स्वागत हेतु पूरी तरह से तैयार है।

लोकेंद्र सिंह बिष्ट उत्तरकाशी

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Hill Mail

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