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उत्तराखंड की जेलों में क्षमता से डेढ़ गुने कैदी बंद

उत्तराखंड की सामान्य जेलों में 3541 के स्थान पर 5521 कैदी है बंद, जिला कारागार अल्मोड़ा की क्षमता 102 बंद हैं 291 कैदी, चमोली व खुली जेल सितारगंज में हैं क्षमता से कम कैदी बंद

उत्तराखंड जैसे शान्त माने जाने वाले राज्य में भी उत्तराखंड की 10 सामान्य जेलों में उसकी क्षमता 3541 से डेढ़ गुने से अधिक 5521 कैदी बंद है। इसके अतिरिक्त सम्पूर्णानन्द शिविर सितारगंज (खुली जेल) में 45 सजायाफ्ता कैदी बंद हैं। यह खुलासा सूचना अधिकार के अन्तर्गत कारागार मुख्यालय द्वारा नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने महानिरीक्षक कारागार (कारागार मुख्यालय) उत्तराखंड से उत्तराखंड राज्य की जेलो में बंदियों की क्षमता तथा वर्तमान में बंद कैदियों की संख्या के सम्बन्ध में सूचना मांगी थी। इसके उत्तर में मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग उत्तराखंड के लोक सूचना अधिकारी व प्रशानिक अधिकारी मनोज खोलिया ने अपने पत्रांक 397 दिनांक 07 फरवरी 2025 से जेलों की क्षमता तथा बंदियों का विवरण उपलब्ध कराया है।
नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार सम्पूर्णानन्द शिविर जेल सितारगंज (खुली जेल) तथा जिला कारागार चमोली के अतिरिक्त सभी जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद है। नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार क्षमता से सर्वाधिक अधिक 285 प्रतिशत कैदी 102 क्षमता वाली जिला कारागार अल्मोड़ा में 291 कैदी है। दूसरे स्थान पर क्षमता के 201 प्रतिशत कैदी 71 क्षमता वाली जिला कारागार नैनीताल में 143 कैदी बंद है। तीसरे स्थान पर क्षमता के 193 प्रतिशत कैदी 580 क्षमता वाली जिला कारागार देहरादून में 1122 कैदी बंद है। चौथे स्थान पर क्षमता के 187 प्रतिशत कैदी 635 क्षमता वाली उपकारागार हल्द्वानी में 1188 कैदी बंद है। पांचवें स्थान पर क्षमता के 156 प्रतिशत कैदी 552 क्षमता वाली केन्द्रीय कारागार सितारगंज में 860 कैदी बंद है। छठे स्थान पर क्षमता के 132 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला कारागार टिहरी में 198 कैदी बंद है। सातवें स्थान पर क्षमता के 131 प्रतिशत कैदी 244 क्षमता वाली रूड़की उपकारागार में 319 कैदी बंद है। आठवें स्थान पर क्षमता के 126 प्रतिशत कैदी 888 क्षमता वाली जिला कारागार हरिद्वार में 1120 कैदी बंद है। नवें स्थान पर क्षमता के 107 प्रतिशत कैदी 150 क्षमता वाली जिला पौड़ी में 160 कैदी बंद है।
नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार प्रदेश में केवल दो जेले ही ऐसी है जिसमें निर्धारित स्वीकृत क्षमता से कम कैदी बंद है। इसमें एक विशेष जेल सम्पूर्णानन्द शिविर (खुली जेल) सितारगंज है जिसमें केवल सजायाफ्ता कैदियों को ही रखा गया है। इसकी क्षमता 300 कैदियों की है जबकि इसकी क्षमता के मात्र 15 प्रतिशत 45 कैदी ही इसमें बंद है। इसके अतिरिक्त सामान्य जेलों में स्वीकृत क्षमता से कम कैदियों वाली एकमात्र जेल जिला कारागार चमोली है। इसमें उसकी क्षमता 169 की अपेक्षा 71 प्रतिशत 120 कैदी ही बंद हैं।
श्री नदीम को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड की जेलों में बंद कुल 5566 कैदियों में 59 प्रतिशत 3307 कैदी विचाराधीन कैदी है जबकि 41 प्रतिशत 2259 कैदी ही सजायाफ्ता (सिद्ध दोष) कैदी है। अल्मोड़ा जेल में बंद कुल कैदियों में 64 प्रतिशत 185, नैनीताल में 81 प्रतिशत 116, देहरादून में 68 प्रतिशत 763, हल्द्वानी में 82 प्रतिशत 971, केन्द्रीय कारागार सितारगंज में 3 प्रतिशत 28, टिहरी में 66 प्रतिशत 131, रूड़की जेल में 94 प्रतिशत 299, हरिद्वार जेल में 56 प्रतिशत 625, पौड़ी जेल में 68 प्रतिशत 109, चमोली जेल में 67 प्रतिशत 80 विचाराधीन कैदी फैसले के इंतजार में बंद है।

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Hill Mail

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