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चारधाम यात्रा के दौरान यात्री ले रहे स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों स्वाद, होमस्टे संचालकों के चेहरे खिले   

जनपद टिहरी चारधाम यात्रा का केंद्र बिन्दु है, जहां से यात्री गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा कर बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए रवाना होते हैं। जनपद क्षेत्रान्तर्गत चारधाम यात्रा पड़ाव तिवाड़ गांव में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से चले यात्री आधे सफर की थकान मिटा कर पहाड़ी व्यंजनों का खूब आनंद ले रहे हैं।

उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना जनपद टिहरी क्षेत्रान्तर्गत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में पर्यटन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होती नजर आ रही है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु/यात्री होमस्टे में ठहर कर स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों / उत्पादों का खूब आनंद ले रहे हैं, जिससे होमस्टे संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं।

जनपद टिहरी चारधाम यात्रा का केंद्र बिन्दु है, जहां से यात्री गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा कर बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए रवाना होते हैं। जनपद क्षेत्रान्तर्गत चारधाम यात्रा पड़ाव तिवाड़ गांव में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम से चले यात्री आधे सफर की थकान मिटा कर पहाड़ी व्यंजनों का खूब आनंद ले रहे हैं। कई यात्री दोपहर का भोजन और रात के समय होमस्टे की व्यवस्था को खूब पसंद कर रहे हैं। साथ ही चारधाम पर निकले यात्री होमस्टे में रात्रि विश्राम कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों के व्यापार में बढ़ोत्तरी हो रही है।

तिवाड़ गांव स्थित होमस्टे संचालक मनोज पंवार ने बताया कि जनपद टिहरी चारधाम यात्रा का केन्द्र बिन्दु होने के चलते रेस्टोरेंट में श्रद्धालु / यात्री पहाड़ी व्यंजनों का खूब स्वाद ले रहे हैं। यात्रा के शुरू होने से उनके होमस्टे में भी रौनक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा सीजन में कई होमस्टे संचालकों और स्थानीय दुकानदारों की आमदनी 6 महीने तक अच्छी खासी चलती है। सरकार द्वारा संचालित होमस्टे योजना से मुझ जैंसे बहुत से लोगों को फायदा पहुंचा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उन्हें 35 प्रतिशत सब्सिडी के साथ होमस्टे संचालित करने का मौका मिला था। लेकिन अब सरकार द्वारा होमस्टे की सब्सिडी 35 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किये जाने से गांव के कई युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुल गए हैं।

न्यू एकांत होमस्टे के संचालिका संगीता रावत ने बताया कि हम अन्य राज्यों से आए यात्रियों को अपने पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चखाते हैं। पहाड़ी उत्पादों से बने व्यंजन यात्रियों को खूब पंसद आते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की होमस्टे योजना से हम जैसी महिलाओं को भी रोजगार का अवसर मिल रहा है। महिलाएं आत्मनिर्भर होकर देश-विदेश से चारधाम यात्रा पर आ रहे यात्रियों को स्थानीय उत्पादों से बने भोजन करवाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

तिवाड़ गांव के होमस्टे और पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लेते हुए पर्यटक प्रोफेसर हेमलता ने बताया कि शिक्षा विभाग से जुड़े होने के कारण वह कई बार उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा पहाड़ के युवाओं के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं, जिसका फायदा युवा ले भी रहे हैं। जिस तरह से होमस्टे के संचालक और यहां के स्थानीय दुकानदार अपनी मेहनत और शिद्दत से काम कर रहे है उसका परिणाम उन्हें जरुर मिलेगा।

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