Saturday , 5 September 2026
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सीमांत क्षेत्र धारचूला में शिक्षा, नशा मुक्ति व महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित कार्यक्रम का आयोजन

सीमांत क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता व शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय ‘अंकुरित सामाजिक एवं शिक्षा फाउंडेशन’ द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा दिवस का आयोजन बड़े ही प्रेरणादायक व भावनात्मक माहौल में किया गया।

इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं फाउंडेशन से जुड़े समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा की भूमिका, नशा मुक्ति अभियान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर संवाद स्थापित करना रहा।

फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका

अंकुरित सामाजिक एवं शिक्षा फाउंडेशन धारचूला व आस-पास के सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने, नशा मुक्ति अभियान चलाने तथा विधवा व निर्बल महिलाओं के पुनर्सशक्तिकरण जैसे कई सराहनीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इस कार्यक्रम में फाउंडेशन के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। जिसमें संरक्षक: देवेंद्र मरतोलिया (सोनू जी), अध्यक्ष: राकेश सिंह, सचिव: लोकेश सिंह और प्रबंधक: सुनील दानु मौजूद थे। इसके अलावा टीम मेंबर में कमला तिवारी, ज्योति बिष्ट, अंजू थापा, मुकुल रोतेला और योगी बिष्ट भी उपस्थित थे।

इसके अलावा कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी राजेश अठवाल, थाना अध्यक्ष हरेंद्र नेगी, एससी समाज के अध्यक्ष शंकर सिपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इन अतिथियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायक विचार रखे और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की चुनौतियों व संभावनाओं पर खुलकर संवाद किया।

इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग मिला जिसमें ग्राम प्रधान (सिर्दांग) नीना देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य (सिर्दांग) विनीता खुन्नु भी मौजूद रहे।

इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आ रही स्थानीय समस्याओं और उनके समाधान हेतु सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बिंदु और गतिविधियां :

  • शिक्षा को लेकर छात्रों के अनुभव साझा किए गए।
  • नशा मुक्त भारत की दिशा में फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी गई।
  • विधवा महिलाओं और वंचित वर्गों की महिलाओं के पुनर्सशक्तिकरण के प्रयासों की चर्चा की गई।
  • स्थानीय बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसमें शिक्षा और सामाजिक जागरूकता पर केंद्रित गीत व नाटक शामिल रहे।
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

संस्था का उद्देश्य और संदेश:

फाउंडेशन के संरक्षक देवेंद्र मरतोलिया ने कहा, ‘सीमांत क्षेत्र के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, यही हमारा सपना है। शिक्षा ही समाज में बदलाव का सबसे प्रभावी साधन है।’

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि समाज को शिक्षित, नशा मुक्त और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे।

‘अंकुरित सामाजिक एवं शिक्षा फाउंडेशन’ का यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना और एक बार फिर यह सिद्ध किया कि सीमित संसाधनों के बीच भी यदि इच्छाशक्ति प्रबल हो, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

Written by
Hill Mail

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