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योगी सरकार ने सिरेमिक वेस्ट से बनाया ‘अनोखी दुनिया’ पार्क — डिज्नी वर्ल्ड और जुरासिक पार्क को देगा टक्कर

योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ उन्हें आधुनिकता से भी जोड़ रही है। इसी कड़ी में, 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के अंतर्गत पारंपरिक उत्पादों को नया जीवन देने के प्रयास जारी हैं। इसी दिशा में एक और अनूठी पहल के तहत, सरकार ने बुलंदशहर में 'अनोखी दुनिया' नामक एक विशेष थीम पार्क का निर्माण कराया है, जो पूरी तरह से सिरेमिक वेस्ट से तैयार किया गया है।

यह अपनी तरह का दुनिया का पहला सिरेमिक वेस्ट पार्क है, जिसे सितंबर माह के अंत तक पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। यह पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देगा, बल्कि अपने अनोखे डिजाइन और कलाकृतियों के दम पर डिज़्नी वर्ल्ड और जुरासिक पार्क जैसी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों को भी चुनौती देगा।

PPP मोड पर बना अनोखा पार्क

बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKVN) के वीसी डॉ. अंकुर लाठर ने जानकारी दी कि खुर्जा को ‘सिरेमिक की राजधानी’ कहा जाता है। यहां के बर्तन और डिजाइंस न केवल देश बल्कि विदेशों में भी लोकप्रिय हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप, इस पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक मंच पर पहुंचाने और शहर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के उद्देश्य से ‘अनोखी दुनिया’ पार्क का निर्माण किया गया है।

  • यह पार्क पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर करीब 2 एकड़ में फैला हुआ है।
  • पार्क की प्रमुख विशेषता यह है कि इसे 80 टन सिरेमिक वेस्ट से तैयार किया गया है — यह वाकई वेस्ट टू आर्ट का बेहतरीन उदाहरण है।
  • लगभग 100 छोटी-बड़ी कलाकृतियां, जिनमें 28 मुख्य कलाकृतियां विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी, स्थानीय 6 कलाकारों और 120 कारीगरों की मेहनत का परिणाम हैं।
  • टूटी हुई सुराही, कप, केतली और बर्तनों के टुकड़ों से बनाई गई विशाल कलाकृतियाँ यहां देखने को मिलेंगी।
    ₹5.86 करोड़ की लागत से तैयार — हर उम्र के लिए आकर्षण

यह पार्क ₹5 करोड़ 86 लाख की लागत से तैयार हुआ है।

  • इसमें ग्रीनरी और हार्टिकल्चर का विशेष ध्यान रखा गया है।
  • बच्चों के लिए गेमिंग ज़ोन, सेल्फी पॉइंट्स, और एक खूबसूरत कैफे भी शामिल किया गया है।
  • पार्क में प्रवेश के लिए नाममात्र शुल्क रखा गया है, जिससे रख-रखाव और संचालन किया जाएगा।

स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा, अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

‘अनोखी दुनिया’ पार्क के खुलने से न केवल खुर्जा के पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि यहां के स्थानीय सिरेमिक उत्पादों की मांग में भी वृद्धि होगी। इससे स्थानीय उद्योगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा और रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

यह पार्क अन्य शहरों और राज्यों के लिए भी एक मॉडल बनेगा कि कैसे कचरे को कलाकारी में बदलकर सतत विकास और स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह प्रयास उनके विजन — स्वच्छता, स्थानीय कारीगरी का संवर्धन और सतत विकास — का प्रत्यक्ष उदाहरण है। ‘अनोखी दुनिया’ पार्क न केवल खुर्जा की ऐतिहासिक विरासत को नए रंग में पेश करता है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे रचनात्मकता और नवाचार से कचरा भी कला बन सकता है।

उम्मीद की जा रही है कि यह पार्क जल्द ही देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Written by
Hill Mail

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