नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन एवं माननीय पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में नंदा देवी राजजात यात्रा–2026 की तैयारियों की समीक्षा हेतु आज एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड कार्यालय, देहरादून में संपन्न हुई।

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डॉ. संदीप तिवारी, जिलाधिकारी चमोली, सुरेन्द्र सिंह सामंत, संयुक्त निदेशक पर्यटन एवं नंदा देवी राजजात यात्रा के नोडल अधिकारी, तथा मां नंदा देवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरुड़ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सचिव पर्यटन द्वारा नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग पर किए जा रहे विकास कार्यों एवं आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी, चमोली द्वारा अब तक की प्रगति से संबंधित एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

सचिव पर्यटन ने यात्रा के सफल, सुचारु एवं समुदाय-आधारित संचालन को सुनिश्चित करने हेतु संबंधित सभी विभागों को समयबद्ध रूप से अपनी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, ठहराव स्थल, आवागमन एवं संचार जैसी सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण करने पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर स्थित सभी प्रमुख विराम स्थलों, विशेषकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में, चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ एवं सुचारु रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक तथा पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर सचिव पर्यटन द्वारा यह भी रेखांकित किया गया कि नंदा देवी राजजात यात्रा, जो प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित की जाती है, आगामी सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक यात्रा की सफल मेजबानी हेतु पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this