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ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी

यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा। इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा तथा पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना का प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई।

परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे।

इस परियोजना पर व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा ऋषिकेश बाईपास 4-लेन की स्वीकृति मिलने पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

गौरतलब रहे कि कुछ समय पहले नई दिल्ली में हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी और स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की भावनाओं से उन्हें अवगत कराया था।

इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश में यातायात को सुगम बनाएगी, चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित करेगी तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।

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