रुद्रप्रयाग/केदारनाथ। देवभूमि उत्तराखंड में स्थित पवित्र केदारनाथ मंदिर के कपाट बुधवार सुबह पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह ठीक 8 बजे जयघोष, मंत्रोच्चार और सेना की सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट के बैंड की मधुर धुनों के बीच बाबा केदार के दर्शन प्रारंभ हुए। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालु मौके पर मौजूद रहे, जबकि पहले ही दिन लगभग 38 हजार भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 5 बजे से ही शुरू हो गई थी। मंदिर के गर्भगृह में रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, विधायक आशा नौटियाल और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोगों ने विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर इस दिव्य अवसर को और भव्य बनाया गया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
इस शुभ अवसर पर पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। प्रधानमंत्री ने भी इस पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा भारत की आस्था, एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया है। यह यात्रा देश के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—को जोड़ती है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।
आस्था, विश्वास और भक्ति का यह अद्भुत संगम एक बार फिर साबित करता है कि बाबा केदार के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था अटूट है। “हर-हर महादेव” के जयकारों के बीच शुरू हुई यह यात्रा पूरे देश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रही है।







